खाड़ी क्षेत्र में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है जब 1 जून 2026 को कुवैत की सीमा पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया गया। कुवैत की एयर डिफेंस प्रणाली ने इन हमलों को हवा में ही नाकाम कर दिया और सभी मिसाइलों और ड्रोनों को मार गिराया। इस घटना के बाद खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के महासचिव जसिम मोहम्मद अल-बुदैवी ने ईरान के इस कदम की बेहद कड़े शब्दों में निंदा की है और इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सीधा उल्लंघन बताया है।
कुवैत पर ईरान के हमलों की पूरी जानकारी क्या है?
कुवैत की सेना और रक्षा प्रणाली ने सोमवार, 1 जून 2026 को देश की तरफ आ रहे मिसाइलों और ड्रोनों को सफलतापूर्वक रोक दिया। आसमान में इन हथियारों को नष्ट किए जाने के कारण कुवैत के विभिन्न इलाकों में तेज धमाकों की आवाजें सुनी गईं। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, कुवैत पर पिछले कुछ समय में यह तीसरा बड़ा हमला है। इससे पहले भी 10 मई 2026 और ठीक चार दिन पहले कुवैत को निशाना बनाकर हवाई हमले किए गए थे। इन लगातार हो रहे हमलों को कुवैत की संप्रभुता और पूरे खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा माना जा रहा है।
खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) और अन्य देशों का क्या रुख है?
इस गंभीर मामले पर खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) ने कड़ी आपत्ति जताई है। महासचिव जसिम मोहम्मद अल-बुदैवी ने कहा कि ईरान के ये लगातार हमले क्षेत्र की शांति को नुकसान पहुंचा रहे हैं। सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और बहरीन जैसे खाड़ी देशों ने भी इस हमले की निंदा की है और कुवैत के साथ अपनी पूरी एकजुटता दिखाई है।
- संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से अपील: GCC ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव संख्या 2817 का हवाला देते हुए ईरान से इन हमलों को तुरंत रोकने की मांग की है।
- कुवैत सरकार का फैसला: कुवैत के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि देश अपनी सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कुवैत पर कब-कब हवाई हमले किए गए हैं?
कुवैत पर हाल ही में 1 जून 2026 को हमला हुआ है। इससे पहले भी 10 मई 2026 और मई के आखिरी हफ्ते में भी कुवैत को निशाना बनाकर मिसाइल और ड्रोन दागे गए थे।
इस हमले पर खाड़ी देशों ने क्या प्रतिक्रिया दी है?
सऊदी अरब, यूएई और बहरीन सहित सभी प्रमुख खाड़ी देशों ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है और कुवैत की सुरक्षा के लिए अपना पूरा समर्थन व्यक्त किया है।
