कुवैत में गुरुवार सुबह ईरान की तरफ से आए मिसाइलों और ड्रोन्स के हमले से हड़कंप मच गया। कुवैत की सेना ने तुरंत एक्शन लेते हुए इन हमलों को नाकाम कर दिया और हवा में ही उन्हें मार गिराया। इस पूरी घटना में एक व्यक्ति घायल हुआ है और कुछ जगहों पर नुकसान भी हुआ है।
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कुवैत आर्मी ने बताया कि ईरान की तरफ से 2 बैलिस्टिक मिसाइल और 13 ड्रोन दागे गए थे, जिन्हें एयर डिफेंस सिस्टम ने सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर लिया। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। उन्होंने बताया कि यह हमला कुवैत में मौजूद अमेरिका के अरिफजन और अली अल-सलेम बेस को निशाना बनाकर किया गया था।
इस हमले के बाद UAE ने कड़ी नाराजगी जताई है। UAE सरकार ने इसे संप्रभुता का उल्लंघन और सुरक्षा के लिए खतरा बताया है।
दूसरी तरफ, कुवैत का गृह मंत्रालय और सैन्य नेतृत्व लगातार देश की सुरक्षा बढ़ाने पर काम कर रहा था। हाल ही में गृह मंत्री शेख फहद यूसुफ और रक्षा मंत्री शेख अब्दुल्ला अली अब्दुल्ला अल-सबाह ने सुरक्षा अधिकारियों के साथ कई बैठकें की थीं ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
साथ ही, 5 जुलाई 2026 को कैबिनेट ने गृह मंत्री शेख फहद अल-यूसुफ को नए आतंकवाद विरोधी कानून (नंबर 47, 2026) को लागू करने की जिम्मेदारी सौंपी है। इस कानून का मकसद सुरक्षा और सरकारी संस्थाओं के बीच तालमेल को और मजबूत करना है।
