कुवैत में सुरक्षा स्थिति को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने 16 और 17 जुलाई 2026 को कुवैत में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला करने का दावा किया है। इस हमले के बाद पूरे इलाके में तनाव बढ़ गया है।

🗞️: Kuwait और खाड़ी देशों पर ईरान का बड़ा हमला, 32 ड्रोन किए गए इंटरसेप्ट, अमेरिका के ठिकानों को बनाया निशाना

कुवैत की सुरक्षा और एयर डिफेंस की कार्रवाई

कुवैत के अधिकारियों ने आधिकारिक पुष्टि की है कि 17 जुलाई को उनके सुरक्षा सिस्टम ने आक्रामक मिसाइल और ड्रोन हमलों का जवाब दिया। कुवैती सेना ने अपने हवाई क्षेत्र में घुसने वाले 32 ड्रोन को हवा में ही मार गिराया। इन ड्रोन के मलबे रिहायशी इलाकों में गिरने से कुछ नुकसान तो हुआ है, लेकिन राहत की बात यह रही कि इसमें किसी भी नागरिक की जान नहीं गई। इससे पहले 16 जुलाई को भी कुवैती सेना ने ड्रोन को रोकने के लिए जवाबी कार्रवाई की थी।

ईरान का दावा और ठिकानों की जानकारी

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के मुताबिक, IRGC ने अमेरिका के मिसाइल डिफेंस डिटेक्शन रडार, गोला-बारूद के गोदाम, और मिसाइल लॉन्चर को निशाना बनाया है। ईरानी रिपोर्ट में Ali Al Salem Air Base, Camp Buehring और Shuaybah में अमेरिकी सैन्य सुविधाओं को निशाना बनाने की बात कही गई है। IRGC ने इसे ईरान के भीतर हो रहे अमेरिकी हवाई हमलों के जवाब में की गई कार्रवाई बताया है। अभी तक CENTCOM की ओर से इन हमलों पर कोई आधिकारिक जवाब नहीं आया है, लेकिन व्हाइट हाउस ने बातचीत के जरिए शांति बनाए रखने की उम्मीद जताई है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.