18 जुलाई 2026 को कुवैत के सुरक्षा तंत्र ने देश भर में कई होस्टाइल मिसाइल और ड्रोन हमलों को इंटरसेप्ट किया। इस घटना के बाद देश के अलग-अलग हिस्सों में धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। कुवैती सेना ने आधिकारिक तौर पर इन हमलों के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया है और नागरिकों से सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करने को कहा है।
हमलों के पीछे का कारण और नुकसान
ईरान के सरकारी प्रसारक और सेना ने दावा किया कि उन्होंने कुवैत और जॉर्डन में अमेरिका के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। ईरान ने कुवैत के Al-Adiri कैंप और Ali Al-Salem बेस पर हमले की बात स्वीकार की है। इस हमले में कुवैत के सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचा है और कुछ कुवैती सैनिक घायल भी हुए हैं। पूरे दिन देश भर में खतरे के सायरन बजते रहे।
प्रवासियों और नागरिकों के लिए निर्देश
कुवैती अधिकारियों ने सुरक्षा के लिहाज से सोशल मीडिया पर किसी भी तरह के वीडियो या तस्वीरें पोस्ट करने पर पूरी तरह रोक लगा दी है। प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि वे हमले वाली जगह के करीब न जाएं और न ही वहां पड़े किसी मलबे को छुएं। यह घटना तब हुई है जब पिछले 7 दिनों से अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर है, जिसके चलते पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
