खाड़ी क्षेत्र में तनाव उस समय बहुत बढ़ गया जब 4 जून 2026 को कुवैत और बहरीन पर ईरान की तरफ से कई बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमले किए गए। इस हमले में कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल 1 को भारी नुकसान पहुंचा है, जिसके बाद वहां उड़ानों को रोकना पड़ा। इस मुश्किल समय में कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जासिम अल-थानी ने कुवैत के विदेश मंत्री को फोन करके इस हमले की कड़ी निंदा की और कुवैत के प्रति अपना पूरा समर्थन जताया है।

📰: Kuwait Airport Drone Attack: कुवैत एयरपोर्ट पर ड्रोन हमले के बाद मची अफरातफरी, खून की कमी पूरी करने के लिए आगे आए प्रवासी.

कुवैत एयरपोर्ट पर हमला और भारतीय प्रवासी की मौत

इस हमले का सीधा असर कुवैत में रह रहे प्रवासियों और हवाई सफर करने वाले लोगों पर पड़ा है। कुवैत के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, एयरपोर्ट पर हुए इस हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई है और 63 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से सात लोगों का बड़ा ऑपरेशन करना पड़ा है। कुवैत के नागरिक उड्डयन विभाग ने तुरंत आपातकालीन योजना लागू करते हुए टर्मिनल 1 से सभी उड़ानों को सस्पेंड कर दिया है। कुवैत सरकार ने साफ कहा है कि देश की सुरक्षा और नागरिकों की भलाई उनके लिए सबसे ऊपर है और वे इसका जवाब देने का अधिकार रखते हैं।

कतर और अन्य खाड़ी देशों ने जताया कुवैत का साथ

कतर के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर साफ कहा है कि आम लोगों और नागरिक ठिकानों को निशाना बनाना किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा। कतर के साथ-साथ सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), मिस्र और जॉर्डन ने भी इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के महासचिव जासेम मोहम्मद अलबुदैवी ने इसे एक अस्वीकार्य और आक्रामक नीति बताया है। कुवैत ने इस हमले के विरोध में ईरान के राजनयिकों की संख्या को कम करने का फैसला किया है।

अमेरिका की कार्रवाई और ईरान के अलग-अलग दावे

अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने जानकारी दी है कि उन्होंने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी बलों को निशाना बनाकर दागे गए कई ईरानी मिसाइलों और ड्रोनों को हवा में ही नष्ट कर दिया। इसके जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरान के केश्म द्वीप (Qeshm Island) पर जवाबी कार्रवाई की है। दूसरी तरफ, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने पहले इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि उन्होंने अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया था, लेकिन बाद में ईरान ने कुवैत एयरपोर्ट पर हमले से पल्ला झाड़ लिया और दावा किया कि यह नुकसान अमेरिका की पैट्रियट मिसाइल के खराब होने से हुआ है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

कुवैत एयरपोर्ट पर हुए हमले में क्या नुकसान हुआ है?

इस हमले में कुवैत एयरपोर्ट के टर्मिनल 1 को गंभीर नुकसान पहुंचा है, जिससे उड़ानों को रोकना पड़ा। हादसे में एक भारतीय नागरिक की मौत हुई है और 63 लोग घायल हुए हैं।

ईरान ने इस हमले को लेकर क्या बयान दिया है?

ईरान ने पहले अमेरिकी ठिकानों पर हमले की बात स्वीकार की थी, लेकिन बाद में कुवैत एयरपोर्ट पर हमले से इनकार करते हुए कहा कि यह नुकसान अमेरिकी मिसाइल सिस्टम की खराबी की वजह से हुआ है।

क्या इस हमले के बाद उड़ानों पर कोई असर पड़ा है?

हां, कुवैत के नागरिक उड्डयन विभाग ने टर्मिनल 1 को नुकसान पहुंचने के बाद तुरंत आपातकालीन योजना लागू की और विमान सेवाओं को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया।