कुवैत पर ईरान की तरफ से लगातार मिसाइल और ड्रोन हमले किए जा रहे हैं। 28 मई 2026 को हुए इस ताज़ा हमले के बाद खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के महासचिव जसीम मोहम्मद अल-बुदैवी ने ईरान की कड़ी निंदा की है। कुवैत की सेना ने रातभर चले इस हमले में कई मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया, जिसके बाद पूरे देश में इमरजेंसी सायरन बजने लगे। इस हमले से पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) समेत कई देशों ने कुवैत का खुलकर समर्थन किया है।
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कुवैत पर हुए हमले को लेकर GCC और UAE ने क्या कहा?
GCC के महासचिव जसीम मोहम्मद अल-बुदैवी ने एक बयान जारी कर कहा कि ईरान के यह हमले अंतरराष्ट्रीय कानूनों और संयुक्त राष्ट्र (UN) चार्टर का खुला उल्लंघन हैं। खाड़ी सहयोग परिषद ने साफ किया है कि वे कुवैत की सुरक्षा और स्थिरता को बनाए रखने के लिए हर कदम पर उसके साथ खड़े हैं। इसके साथ ही UAE के विदेश मंत्रालय ने भी कुवैत पर हुए इस मिसाइल और ड्रोन हमले को आतंकवादी हमला बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की और कुवैत के साथ अपनी पूरी एकजुटता दिखाई।
रातभर बजते रहे सायरन, कुवैत सेना और अमेरिका ने क्या कार्रवाई की?
कुवैती सेना ने जानकारी दी है कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने रात में आए कई दुश्मन मिसाइल और ड्रोन हमलों को हवा में ही रोक दिया। अमेरिकी सेना ने इस हमले को सीजफायर का बड़ा उल्लंघन बताया है क्योंकि यह हमला अमेरिका और ईरान के बीच चल रही तनातनी के दौरान हुआ है। अमेरिकी मिलिट्री के अनुसार, बुधवार की रात ईरान की तरफ से दागी गई मिसाइलों को कुवैत ने सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट किया। इस बीच ईरान ने भी दावा किया है कि उसने अपनी हवाई सीमा में घुसने वाले अमेरिकी ड्रोन को निशाना बनाया है और अमेरिका ने भी दक्षिणी ईरान में जवाबी कार्रवाई की है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या कुवैत पर हुए हमले में कोई नुकसान हुआ है?
कुवैती सेना के एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरान की तरफ से दागे गए मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया, जिससे बड़ा नुकसान होने से बच गया।
इस हमले पर कुवैत के विदेश मंत्रालय का क्या रुख है?
कुवैत के विदेश मंत्रालय ने इन हमलों को अपनी संप्रभुता और सुरक्षा पर बड़ा हमला बताया है और तेहरान (ईरान) को इसके लिए पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया है।