कुवैत के उत्तरी रिहायशी इलाके में सोमवार सुबह ईरान की तरफ से दागे गए मिसाइलों और ड्रोन के टुकड़े गिरने से हड़कंप मच गया। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक इस घटना में 6 लोग घायल हुए हैं जिनका इलाज चल रहा है। कुवैत की सेना और एयर डिफेंस सिस्टम ने मुस्तैदी दिखाते हुए कई खतरों को हवा में ही नाकाम कर दिया, लेकिन मलबे गिरने से रिहायशी इलाकों में नुकसान पहुंचा है।

हमले के बाद राहत और बचाव कार्य की क्या स्थिति है?

स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता Dr. Abdullah Al-Sanad ने बताया कि सोमवार तड़के मंत्रालय के कंट्रोल रूम को उत्तरी इलाके में मलबे और गोले गिरने की सूचना मिली थी। इसके तुरंत बाद मेडिकल इमरजेंसी और एम्बुलेंस सेवाओं को हाई अलर्ट पर रखा गया और टीमों ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया। मौके पर मौजूद पैरामेडिकल टीम ने दो महिलाओं का तुरंत इलाज किया, जिन्हें अस्पताल ले जाने की जरूरत नहीं पड़ी। कुल मिलाकर इस हमले के मलबे की चपेट में आने से 6 लोगों को मामूली चोटें आई हैं। सेना ने पुष्टि की है कि वे कुवैत की सीमा की तरफ आने वाले हर खतरे को इंटरसेप्ट करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

कुवैत में पिछले दो दिनों में कहां-कहां हुए हमले?

पिछले 48 घंटों में कुवैत के अलग-अलग हिस्सों में ईरानी ड्रोन और मिसाइलों से हमला किया गया है जिससे सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है। कुवैत में रह रहे प्रवासियों और नागरिकों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

तारीख प्रभावित स्थान नुकसान का विवरण
6 अप्रैल 2026 उत्तरी रिहायशी इलाका मलबे गिरने से 6 लोग घायल हुए
5 अप्रैल 2026 मंत्रालय कॉम्प्लेक्स, कुवैत सिटी इमारतों को भारी नुकसान, कर्मचारी घर से कर रहे काम
5 अप्रैल 2026 बिजली और पानी के प्लांट दो पावर यूनिट खराब हुए, बिजली सप्लाई पर असर

कुवैत की सेना ने सोशल मीडिया के जरिए बताया कि रविवार और सोमवार की दरम्यानी रात उनके एयर डिफेंस ने कई ड्रोन और मिसाइलों को नष्ट किया है। वित्त मंत्रालय ने पहले ही साफ कर दिया था कि सरकारी दफ्तरों में कामकाज एहतियात के साथ किया जाएगा। कुवैत में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए भी यह जरूरी है कि वे स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।