कुवैत में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं क्योंकि देश पर लगातार ईरानी मिसाइल और ड्रोन से हमले किए जा रहे हैं। 19 जुलाई 2026 को कुवैत सरकार ने साफ कर दिया है कि वे अपनी सुरक्षा, जमीन और महत्वपूर्ण ठिकानों की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हैं और आत्मरक्षा का अपना हक रखते हैं। कुवैती विदेश मंत्रालय ने इन हमलों को बेहद खतरनाक बताया है और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत अपनी सुरक्षा का अधिकार जताया है।
हमलों से सुरक्षा व्यवस्था पर असर
कुवैत के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल सऊद अल-अतवान ने बताया कि ईरान ने जानबूझकर सैन्य ठिकानों के साथ-साथ बिजली और पानी के संयंत्रों जैसे महत्वपूर्ण नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया है। हाल ही में बिजली और पानी के एक डिस्टिलेशन प्लांट पर लगातार दो दिनों तक हमले हुए, जिससे भारी नुकसान पहुंचा है। ईरान की सेना का कहना है कि ये हमले कुवैत में स्थित अमेरिकी बेस कैंप बुहेरिंग और अली अल सलेम एयर बेस के खिलाफ बदले की कार्रवाई के रूप में किए गए हैं।
प्रवासियों के लिए जरूरी निर्देश
कुवैती सुरक्षा बलों ने 19 जुलाई को कई ड्रोन और मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया, जिसके धमाके की आवाजें लोगों ने सुनीं। सरकार ने सभी नागरिकों और प्रवासियों से अपील की है कि वे सुरक्षा निर्देशों का सख्ती से पालन करें और सतर्क रहें। सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, बहरीन और जॉर्डन ने भी इन हमलों की निंदा की है और कुवैत का समर्थन किया है। कुवैत ने फिलहाल बातचीत और शांति के जरिए इस तनाव को खत्म करने की अपील की है।
