Kuwait में सोमवार, 20 जुलाई 2026 को ईरान की ओर से भीषण हमला किया गया। ईरान के ड्रोन्स और मिसाइलों ने देश के एक महत्वपूर्ण पावर और पानी के प्लांट को निशाना बनाया। इस हमले के बाद कुवैत के विदेश मंत्रालय ने कड़े शब्दों में निंदा की है और इसे देश की संप्रभुता का उल्लंघन बताया है।

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कुवैत की सुरक्षा पर खतरा

कुवैत की सेना ने जानकारी दी है कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने सक्रिय होकर कई मिसाइलों और ड्रोन्स को हवा में ही मार गिराया। देश भर में जो धमाकों की आवाजें सुनाई दीं, वे इन्हीं इंटरसेप्शन ऑपरेशंस का हिस्सा थीं। कुवैत सरकार का कहना है कि यह हमला अंतरराष्ट्रीय कानूनों और UN चार्टर के खिलाफ है। कुवैत ने खुद के बचाव के लिए अपने अधिकार का इस्तेमाल करने की बात कही है और अपनी सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाने का फैसला लिया है।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

इस हमले को लेकर खाड़ी देशों में भारी तनाव है। UAE और Egypt ने कुवैत और बहरीन पर हुए इन हमलों की कड़ी निंदा की है और अपना समर्थन जताया है। इस समय क्षेत्र में अमेरिका और ईरान के बीच भी तनाव चल रहा है, जिसे देखते हुए पाकिस्तान जैसे देश मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। ईरान के अधिकारियों का कहना है कि वे अभी भी अपनी रणनीति पर काम कर रहे हैं, जबकि कुवैत अपने नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहा है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.