Kuwait पर ईरान का बढ़ा खतरा, अमेरिका के नए प्रतिबंधों के बाद क्षेत्रीय तनाव चरम पर पहुंचा.

Aanya25 August 20262 min read68 viewsKuwait
Kuwait पर ईरान का बढ़ा खतरा, अमेरिका के नए प्रतिबंधों के बाद क्षेत्रीय तनाव चरम पर पहुंचा.

मध्य पूर्व में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं और इसका असर अब खाड़ी देशों पर साफ दिखने लगा है। अमेरिका ने ईरान पर दबाव बढ़ाने के लिए 25 अगस्त 2026 को एक नया अभियान शुरू किया है जिसके तहत कई अहम क्षेत्रों को निशाना बनाया गया है। इस बढ़ते तनाव के बीच कुवैत की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं क्योंकि वहां अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी है। आम लोगों और वहां रहने वाले प्रवासियों के लिए यह स्थिति चिंता का विषय बनती जा रही है।

अमेरिका का नया आर्थिक अभियान और ईरान की प्रतिक्रिया

अमेरिका के ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने ईरान के खिलाफ आर्थिक दबाव को और तेज करते हुए "Operation Economic Outcast" नाम से नए अभियान की घोषणा की है। इन नए प्रतिबंधों के दायरे में ईरान के पांच महत्वपूर्ण सेक्टर आए हैं जिनमें डिजिटल एसेट्स, टेक्नोलॉजी, गोल्ड, एविएशन और शिपिंग शामिल हैं। अमेरिकी अधिकारी ने साफ कर दिया है कि जो भी देश या बिजनेस तेहरान के साथ व्यापार जारी रखेंगे उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। इस कदम की इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने जमकर तारीफ की है। दूसरी ओर ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने अमेरिका से अपनी धमकियों और दबाव की नीति को बंद करने की मांग की है। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाक़र क़ालीबाफ ने भी अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

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कुवैत पर मंडराता खतरा और समुद्री सुरक्षा की स्थिति

ओमान ऑब्जर्वर की रिपोर्ट के अनुसार 25 अगस्त को यह सामने आया कि कुवैत लगातार ईरान के निशाने पर बना हुआ है। फरवरी के आखिर से शुरू हुए इस संघर्ष के दौरान कुवैत को कई बार ड्रोन और मिसाइल हमलों का सामना करना पड़ा है। समुद्री रास्ते पर भी इसका बुरा असर पड़ा है। अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन IMO ने गल्फ क्षेत्र में कुल 68 घटनाओं की पुष्टि की है जिनमें 20 लोगों की मौत हो चुकी है और 35 लोग घायल हुए हैं। इसी दिन ओमान के पास एक तेल टैंकर पर अज्ञात गोले से हमला हुआ जिससे वह पूरी तरह खराब हो गया। बढ़ते तनाव को देखते हुए संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE ने भी ईरान के साथ अपने सभी व्यापारिक और वित्तीय लेन-देन को 25 अगस्त से पूरी तरह रोक दिया है।

कूटनीतिक कोशिशें और क्षेत्रीय प्रभाव

क्षेत्र में शांति बहाल करने के लिए कूटनीतिक प्रयास भी जारी हैं। पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने 25 अगस्त को ईरानी नेताओं से मुलाकात की ताकि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत दोबारा शुरू हो सके और तनाव को कम किया जा सके। इससे पहले 24 अगस्त को हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में सऊदी अरब के एक तेल टैंकर को निशाना बनाया था जिससे यह साफ हो गया कि यह संघर्ष अब फैल रहा है। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों और कामगारों के लिए भी यह माहौल तनावपूर्ण होता जा रहा है क्योंकि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंताएं लगातार बनी हुई हैं।

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