कुवैत में एक पावर और वाटर प्लांट पर हुए ईरानी हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई है। कुवैत के बिजली और जल मंत्रालय ने सोमवार सुबह इस दर्दनाक घटना की पुष्टि की। पिछले 24 घंटों के दौरान कुवैत के कई इलाकों में मिसाइलों और ड्रोन से हमले किए गए हैं, जिसमें सरकारी संपत्तियों और मिलिट्री कैंपों को निशाना बनाया गया है।

📰: Bahrain Me Air Raid Sirens: बहरीन में मिसाइल और ड्रोन हमले के खतरे के बीच बजा सायरन, गृह मंत्रालय ने जारी किया सुरक्षा अलर्ट

कुवैत में हुए हमलों में क्या-क्या नुकसान हुआ है?

कुवैत के रक्षा मंत्रालय और गृह मंत्रालय ने हमलों से जुड़ी विस्तृत जानकारी साझा की है। इन हमलों का असर केवल पावर प्लांट तक सीमित नहीं रहा बल्कि एयरपोर्ट और मिलिट्री कैंप भी इसकी चपेट में आए हैं।

  • पावर और वाटर प्लांट: यहाँ एक सर्विस बिल्डिंग पर हमला हुआ जिसमें एक भारतीय मज़दूर ने अपनी जान गंवा दी।
  • मिलिट्री कैंप: एक सैन्य कैंप पर हुए अलग हमले में 10 कर्मचारी घायल हुए हैं।
  • एयरपोर्ट रडार: कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट के रडार सिस्टम को ड्रोन हमलों से काफी नुकसान पहुँचा है।
  • मिसाइल और ड्रोन: आसमान में 14 बैलिस्टिक मिसाइल और 12 से ज्यादा खतरनाक ड्रोन देखे गए थे।

सुरक्षा स्थिति और सरकार की तरफ से उठाए गए कदम

कुवैत के गृह मंत्रालय ने बताया कि उनकी टीमों ने मुस्तैदी दिखाते हुए तीन ड्रोन को हवा में ही मार गिराया है। सुरक्षा बलों की टीमें उन 9 जगहों पर भी पहुँची जहाँ मिसाइलों का मलबा गिरा था। कुवैत के आसमान में लगातार विदेशी ड्रोन और मिसाइलों की आवाजाही पर कड़ी नज़र रखी जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि एयरपोर्ट के रडार सिस्टम को नुकसान तो पहुँचा है लेकिन वहाँ किसी इंसान को चोट नहीं आई है। कुवैत और अन्य खाड़ी देशों में बुनियादी ढांचे पर हो रहे ये हमले सुरक्षा के लिहाज से बड़ी चिंता का विषय बन गए हैं।