कुवैत ने अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए 15 साल का गोल्डन रेजीडेंसी प्रोग्राम शुरू किया है। इस नई पहल के तहत 8 जुलाई 2026 से आवेदन प्रक्रिया शुरू हुई थी और अब इसका पहला परमिट जारी कर दिया गया है।

किसे मिला पहला गोल्डन वीजा

कुवैत सरकार ने अपना पहला गोल्डन रेजीडेंसी परमिट Lulu Group International के चेयरमैन Yusuff Ali M.A. को सौंपा है। यह परमिट उन्हें 14 जुलाई 2026 को कुवैत सिटी में फर्स्ट डिप्टी प्राइम मिनिस्टर और इंटीरियर मिनिस्टर Sheikh Fahad Yusuf Saud Al-Sabah द्वारा प्रदान किया गया।

गोल्डन रेजीडेंसी के मुख्य नियम

यह गोल्डन परमिट विदेशी निवेशकों, बिजनेस पार्टनर और सीनियर अधिकारियों के साथ उनके परिवार के सदस्यों को भी दिया जाता है। इसकी शर्तें निम्नलिखित हैं:

  • न्यूनतम निवेश: कम से कम KD 5 मिलियन (करीब $16.3 मिलियन) का निवेश जरूरी है।
  • कैपिटल डिपॉजिट: निवेश करने वाली कंपनी को कुवैत के अंदर KD 1 मिलियन (करीब $3.2 मिलियन) की राशि जमा रखनी होगी।
  • लाइसेंस: कंपनी का Kuwait Direct Investment Promotion Authority (KDIPA) से रजिस्टर्ड होना जरूरी है।
  • अन्य शर्तें: कंपनी को वास्तविक व्यापार करना होगा और कुवैत के रोजगार नियमों (Kuwaitization) का पालन करना होगा।

यह प्रोग्राम Cabinet Resolution No. 651 of 2026 के तहत चलाया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य तेल के अलावा अन्य क्षेत्रों में निवेश बढ़ाना और कुवैत को एक प्रमुख बिजनेस हब के रूप में स्थापित करना है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.