कुवैत की एक जेल से तीन कैदियों के भागने की बड़ी खबर सामने आई है। इस घटना के तुरंत बाद एक्शन में आते हुए कुवैत के पहले उप प्रधानमंत्री और आंतरिक मंत्री शेख फहद यूसुफ सऊद अल-सबा ने 1 जून 2026 को एक उच्च स्तरीय जांच समिति गठित करने के आदेश दिए हैं। इस मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए देश की सभी सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर रख दिया गया है ताकि भागे हुए कैदियों को जल्द से जल्द पकड़ा जा सके।
कौन हैं फरार कैदी और सुरक्षा बलों का क्या है प्लान?
जेल से भागने वाले कैदियों में दो कुवैत के नागरिक हैं और एक गैर-कुवैती (बिदून) है। सरकार ने इनके भागने के तुरंत बाद पूरे देश में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। सुरक्षा बलों ने इनके बारे में पूरी जानकारी जुटा ली है जो इस प्रकार है:
- हसन सालेम अल-रशीदी: यह कुवैत का नागरिक है जो जेल से फरार हुआ है।
- अली मनाही अल-सुबैई: यह भी कुवैत का नागरिक है और फरार कैदियों में शामिल है।
- अहमद मोहम्मद काते: यह एक गैर-कुवैती नागरिक (बिदून) है जो जेल से भागने में कामयाब रहा।
गृह मंत्री शेख फहद अल-यूसुफ ने निर्देश दिया है कि इन अपराधियों के विवरण और तस्वीरों को देश के सभी एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स यानी हवाई अड्डों, बंदरगाहों और थल सीमाओं पर भेज दिया जाए ताकि ये देश छोड़कर भाग न सकें।
जनता के लिए चेतावनी और सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश
कुवैत के गृह मंत्रालय ने आम जनता और प्रवासियों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। मंत्रालय ने स्पष्ट कहा है कि कोई भी नागरिक या प्रवासी इन फरार कैदियों के संपर्क में न आए। यदि किसी को भी इनके बारे में कोई भी जानकारी मिलती है, तो वह तुरंत आपातकालीन हॉटलाइन नंबर 112 पर पुलिस को सूचित करे।
सरकार ने इस बात की भी कड़ी चेतावनी दी है कि यदि कोई भी व्यक्ति इन फरार अपराधियों को छुपाने, उनकी मदद करने या उन्हें पनाह देने में शामिल पाया गया, तो उसके खिलाफ कानून के तहत बेहद सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस और खुफिया एजेंसियां अलग-अलग इलाकों में छापेमारी कर रही हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कुवैत में कैदियों के जेल से भागने की घटना कब हुई?
कुवैत के सुधार गृह से तीन कैदियों के भागने की यह घटना 1 जून 2026 को हुई, जिसके तुरंत बाद सरकार ने जांच के आदेश जारी किए।
भागे हुए कैदियों के बारे में जानकारी देने के लिए किस नंबर पर संपर्क करना होगा?
कुवैत सरकार ने जनता से अपील की है कि किसी भी प्रकार की जानकारी मिलने पर तुरंत आपातकालीन नंबर 112 पर संपर्क करें।
क्या कैदियों की मदद करने वालों पर भी कार्रवाई होगी?
हां, कुवैत के गृह मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि फरार कैदियों को शरण देने या उनकी मदद करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
