कुवैत के Jleeb Al-Shuyoukh इलाके में जर्जर और असुरक्षित इमारतों को हटाने का काम तेज़ी से चल रहा है। Farwaniya Governorate की “Safety” टीम अभी 37 ऐसी इमारतों को गिराने की निगरानी कर रही है जो लोगों के लिए खतरा बन चुकी थीं। यह कदम इलाके में रहने वाले प्रवासियों और आम जनता की सुरक्षा के लिए उठाया गया है।

Jleeb Al-Shuyoukh में इमारतों को गिराने का क्या नियम है?

कुवैत नगर पालिका (Kuwait Municipality) इन इमारतों को गिराने के लिए प्रशासनिक आदेश जारी करती है, जैसे कि Demolition Order No. 616/2026। यह फैसला सार्वजनिक निर्माण मंत्रालय के Testing, Quality Control और Research सेंटर की रिपोर्ट के आधार पर लिया जाता है।

  • मकान मालिकों को पहले नोटिस दिया जाता है।
  • इमारत खाली करने के लिए उन्हें दो हफ्ते का समय दिया जाता है।
  • अगर मालिक खुद इमारत नहीं गिराता, तो नगर पालिका उसे गिराती है और इसका पूरा खर्चा मालिक से वसूला जाता है।
  • काम शुरू करने से पहले बिजली का कनेक्शन काटना और बाउंड्री बनाना जैसे सुरक्षा इंतजाम किए जाते हैं।

अब तक कितनी इमारतें गिराई गईं और कौन देख रहा है यह काम?

यह अभियान पिछले साल से ही चल रहा है। नवंबर 2025 में 67 असुरक्षित संपत्तियों को खाली करने का नोटिस दिया गया था और उन्हें गिराने का काम पूरा किया गया। इसके बाद 7 मई 2026 को 42 और इमारतों को गिराने का काम शुरू हुआ और अब 20 मई 2026 तक 37 और इमारतों पर काम चल रहा है।

इस पूरे काम की देखरेख नगर पालिका की डायरेक्टर जनरल Engineer Manal Al-Asfour और Engineering Audit विभाग के डायरेक्टर Saeed Al-Azmi कर रहे हैं। साथ ही, आंतरिक मंत्री Sheikh Fahd Al-Yousef के निर्देशों पर Ministry of Interior, Kuwait Fire Force और बिजली मंत्रालय की टीमें भी इस ऑपरेशन में साथ काम कर रही हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Jleeb Al-Shuyoukh में कितने मकान गिराए गए?

मई 2026 में 37 और 42 इमारतों को गिराने का काम हुआ, जबकि इससे पहले नवंबर 2025 में 67 असुरक्षित संपत्तियों को हटाया गया था।

क्या मकान मालिकों को समय दिया गया था?

हाँ, सरकारी नियमों के मुताबिक मालिकों को नोटिस दिया गया और उन्हें इमारतें खाली करने के लिए दो हफ्ते का समय मिला था।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.