कुवैत के न्याय मंत्रालय ने एक बड़ा फैसला लिया है जिससे वहां काम कर रहे कई विदेशी कर्मचारियों की नौकरी पर असर पड़ेगा। मंत्री Nasser Al-Sumait ने घोषणा की है कि General Department of Experts को पूरी तरह कुवैतीबनाया जाएगा। इसका मतलब है कि 1 अगस्त 2026 तक इस विभाग से सभी गैर-कुवैती कर्मचारियों को हटा दिया जाएगा।

किन कर्मचारियों पर होगा असर और कब तक होगा बदलाव?

इस नए रिफॉर्म प्लान के तहत विभाग में कुछ खास पदों पर केवल कुवैती नागरिकों को ही रखा जाएगा। इसके मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:

  • प्रभावित पद: इंजीनियरिंग, अकाउंटिंग और कानूनी रिसर्च (Legal Research) के क्षेत्र में काम करने वाले सभी गैर-कुवैती विशेषज्ञों की सेवाएं खत्म कर दी जाएंगी।
  • डेडलाइन: यह पूरी प्रक्रिया 1 अगस्त 2026 तक पूरी कर ली जाएगी।
  • असर: इस फैसले का सीधा असर उन प्रवासियों और भारतीय पेशेवरों पर पड़ेगा जो इन विशेषज्ञ पदों पर कार्यरत हैं।

अनुशासन के लिए कौन से नए नियम लागू हुए हैं?

मंत्रालय ने प्रशासनिक अनुशासन और निगरानी बढ़ाने के लिए कुछ तत्काल बदलाव किए हैं:

  • अटेंडेंस सिस्टम: 1 जून से विभाग में फिंगरप्रिंट अटेंडेंस सिस्टम चालू कर दिया जाएगा।
  • ओपन डे: अब हर हफ्ते ‘ओपन डे’ का आयोजन होगा, जिससे वकील और आम लोग सीधे अधिकारियों से मिलकर अपनी शिकायतें, सुझाव या ऑब्जर्वेशन दे सकेंगे।

भविष्य में और क्या बदलाव आएंगे?

मंत्री Nasser Al-Sumait ने बताया कि यह सुधार केवल कर्मचारियों को हटाने तक सीमित नहीं है। आने वाले समय में ये बदलाव भी किए जाएंगे:

  • डिजिटल सर्विस: विभाग की सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल बनाया जाएगा।
  • केस बंटवारा: विशेषज्ञों के बीच केस बांटने के लिए एक नया और निष्पक्ष तरीका लागू किया जाएगा।
  • रोटेशन पॉलिसी: पारदर्शिता बनाए रखने और हितों के टकराव को रोकने के लिए विशेषज्ञों का समय-समय पर रोटेशन किया जाएगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

गैर-कुवैती कर्मचारियों को कब तक हटाया जाएगा?

कुवैत के जनरल डिपार्टमेंट ऑफ एक्सपर्ट्स से सभी गैर-कुवैती कर्मचारियों को 1 अगस्त 2026 तक हटा दिया जाएगा।

फिंगरप्रिंट अटेंडेंस सिस्टम कब से शुरू होगा?

प्रशासनिक अनुशासन और बेहतर निगरानी के लिए 1 जून से फिंगरप्रिंट अटेंडेंस सिस्टम चालू कर दिया जाएगा।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.