कुवैत अथॉरिटी फॉर पार्टनरशिप प्रोजेक्ट्स (KAPP) ने साल 2026/2027 के लिए अपना सालाना प्लान जारी किया है। इस प्लान के तहत नुवाइसीब (Nuwaiseeb) में एक बड़ा पावर प्लांट और पानी साफ करने का प्रोजेक्ट लगाया जाएगा। सरकार अब इस काम में प्राइवेट कंपनियों को शामिल कर रही है ताकि सरकारी खजाने पर बोझ कम हो सके।

नुवाइसीब प्रोजेक्ट की क्षमता और तकनीक क्या होगी?

इस प्रोजेक्ट की कुल क्षमता 7,200 मेगावाट बिजली और 180 मिलियन इंपीरियल गैलन पानी बनाने की होगी। इसे दो हिस्सों में पूरा किया जाएगा। पहले हिस्से (Phase 1) में 3,000 या 3,600 मेगावाट बिजली बनाने का लक्ष्य है। इस प्लांट में कंबाइंड साइकिल तकनीक का इस्तेमाल होगा, जो गैस और LPG दोनों ईंधन से चल सकेगा। इससे ईंधन की खपत कम होगी और पर्यावरण को भी कम नुकसान होगा।

प्रोजेक्ट के लिए टेंडर और समय सीमा क्या है?

KAPP ने बताया कि इस प्रोजेक्ट के लिए एक कंसल्टेंसी फर्म को नियुक्त किया जाएगा, जो इसकी पूरी व्यवहार्यता (feasibility) रिपोर्ट तैयार करेगी। इसके लिए कॉन्ट्रैक्ट 2026 की तीसरी तिमाही में जारी किए जाएंगे। वहीं, पहले फेज के सप्लाई, इंस्टॉलेशन और रखरखाव के लिए कंसल्टेंट चुनने की समय सीमा 30 नवंबर 2025 तय की गई थी। यह पूरा काम टेंडर कानून नंबर 49 (2016) और सरकारी नियमों के तहत किया जाएगा।

यह प्रोजेक्ट पहले से अलग क्यों है?

शुरुआत में यह प्रोजेक्ट बिजली, पानी और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MEWRE) सीधे तौर पर करने वाला था। लेकिन अब इसे KAPP के जरिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर लाया गया है। इसमें BOT (बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर) सिस्टम का इस्तेमाल होगा। इसका मतलब है कि प्राइवेट सेक्टर निवेश करेगा और इसे चलाएगा, जिससे सरकार के बजट पर कम दबाव पड़ेगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

नुवाइसीब प्रोजेक्ट की कुल क्षमता कितनी होगी?

इस प्रोजेक्ट की कुल क्षमता 7,200 मेगावाट बिजली और 180 मिलियन इंपीरियल गैलन पानी की होगी, जिसे दो चरणों में पूरा किया जाएगा।

इस पावर प्लांट में कौन सी तकनीक का इस्तेमाल होगा?

प्लांट में कंबाइंड साइकिल तकनीक का उपयोग होगा, जो गैस और LPG दोनों ईंधन पर काम कर सकेगी, जिससे यह अधिक कुशल होगा।