कुवैत ने अपने तेल क्षेत्र को बेहतर बनाने के लिए एक बहुत बड़ा फैसला लिया है। यहाँ की दो बड़ी कंपनियों, KIPIC और KNPC का विलय कर दिया गया है। तेल मंत्री Tariq Al-Roumi ने इसे एक बड़ी उपलब्धि बताया है ताकि देश का तेल उद्योग और ज़्यादा ताकतवर और कुशल बन सके।
यह फैसला कुवैत के तेल क्षेत्र के ढांचे को बदलने की लंबी योजना का हिस्सा है। इस विलय को Supreme Petroleum Council (SPC) ने मंजूरी दी है और इसे सरकारी गजट ‘Kuwait Alyoum’ में भी छापा गया है। यह कदम Kuwait Petroleum Corporation (KPC) के 2040 के विजन और Kuwait Vision 2035 के मुताबिक उठाया गया है।
इस बदलाव के बाद KIPIC अब एक अलग कंपनी के तौर पर नहीं रहेगी। उसकी सारी संपत्ति, अधिकार और जिम्मेदारियां अब KNPC संभालेगी। इससे काम करने के तरीके में सुधार होगा और सरकारी खर्चे भी कम होंगे।
विलय से होने वाले फायदे और आर्थिक आंकड़े
इस मर्जर से कंपनी के कामकाज में तालमेल बढ़ेगा और फालतू के खर्चों में कमी आएगी। नीचे दी गई टेबल में इसके मुख्य वित्तीय और मैनपावर बदलाव दिए गए हैं:
| विवरण | आंकड़ा/राशि |
|---|---|
| सालाना अनुमानित बचत | 1.25 अरब से 2 अरब डॉलर |
| IT कॉन्ट्रैक्ट से बचत | करीब 3 करोड़ कुवैती दीनार (KD 30 million) |
| HR सुधार से सालाना बचत | करीब 60 लाख कुवैती दीनार (KD 6 million) |
| KNPC की नई कुल पूंजी | करीब 2.632 अरब कुवैती दीनार |
| KNPC पूंजी (डॉलर में) | लगभग 8.5 अरब डॉलर |
| KIPIC से शामिल हुए कर्मचारी | 1,350 से ज़्यादा |
| कुल एकीकृत वर्कफोर्स | 7,650 से अधिक कर्मचारी |
इस विलय के जरिए अब KNPC एक बहुत बड़ी नेशनल एनर्जी ऑपरेटर बन गई है। अब यह कंपनी तेल और गैस की खोज, रिफाइनिंग, ट्रांसपोर्ट, स्टोरेज और पेट्रोकेमिकल जैसे सभी बड़े काम एक साथ संभाल सकेगी। इससे बाजार में कुवैत की स्थिति और मजबूत होगी।
कर्मचारियों के लिए यह एक बड़ा बदलाव है क्योंकि KIPIC के सभी स्टाफ अब KNPC का हिस्सा बन गए हैं। इस पूरी प्रक्रिया को सही ढंग से चलाने के लिए अगस्त 2024 में एक निगरानी कमेटी भी बनाई गई थी, जिसकी अध्यक्षता KNPC के CEO Wadha Al-Khatib कर रहे हैं।
इस पूरी प्रक्रिया की शुरुआत अप्रैल 2024 में हुई थी और इसमें करीब 2,500 प्रशासनिक और तकनीकी काम शामिल थे। अब तेल मंत्री Tariq Al-Roumi यह तय करेंगे कि यह विलय आधिकारिक तौर पर किस तारीख से पूरी तरह लागू माना जाएगा।
