कुवैत सरकार ने अपनी बड़ी तेल कंपनी Kuwait Petroleum Corporation (KPC) के काम करने के तरीकों में बड़ा बदलाव किया है। सरकार ने एक नया कानून जारी किया है जिससे कंपनी को दुनिया के ऊर्जा बाजार में और मजबूत बनाया जा सके। इस फैसले से रुके हुए प्रोजेक्ट्स फिर से शुरू होंगे और देश की कमाई बढ़ेगी।
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कुवैत कैबिनेट ने Law No. 6/1980 में बदलाव की मंजूरी दे दी है। पूर्व मंत्री और KPC बोर्ड सदस्य Yahya Al-Sumait ने बताया कि इस कदम से काम में आने वाली रुकावटें दूर होंगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि अब तेल संसाधनों से न जुड़े कुछ हिस्सों का निजीकरण (Privatization) हो सकेगा, जिससे लोकल और विदेशी कंपनियां भी इस सेक्टर में आ सकेंगी।
तेल एक्सपर्ट Kamel Al-Harami ने भी इस कदम का समर्थन किया है। उन्होंने सुझाव दिया कि तेल और गैस निकालने के अलावा, रिफाइनिंग और ईंधन मार्केटिंग जैसे कामों को प्राइवेट कंपनियों को सौंपा जा सकता है ताकि कमाई के नए रास्ते खुलें।
कुवैत की तेल कंपनियों को और बेहतर बनाने के लिए एक और बड़ा फैसला लिया गया है। Supreme Petroleum Council ने Kuwait Integrated Petroleum Industries Company (Kipic) का विलय (Merger) Kuwait National Petroleum Company (KNPC) में करने की मंजूरी दे दी है।
आंकड़ों के मुताबिक, साल 2024/2025 के लिए KPC की कुल कमाई 30 अरब दीनार रही, जबकि इसका कुल खर्च 28.6 अरब दीनार दर्ज किया गया।
हाल ही में KPC ने ‘फोर्स मेज्योर’ (Force Majeure) की सभी घोषणाएं हटा ली हैं। समुद्री सुरक्षा बहाल होने और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग सामान्य होने के बाद, कंपनी अब एक हफ्ते के अंदर अपना तेल उत्पादन बढ़ाकर 20 लाख बैरल प्रतिदिन से ज्यादा करने की तैयारी में है।
