कुवैत के लेबर कोर्ट ने एक प्रवासी कर्मचारी के हक में बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने एक प्राइवेट कंपनी को आदेश दिया है कि वह कर्मचारी का रेजिडेंसी परमिट कैंसिल करे और उसे किसी दूसरी कंपनी में ट्रांसफर होने दे। यह फैसला इसलिए आया क्योंकि कंपनी ने पिछले छह महीने से कर्मचारी को सैलरी नहीं दी थी। यह फैसला उन तमाम प्रवासियों के लिए बड़ी राहत है जो अपनी मेहनत की कमाई के लिए कंपनियों से संघर्ष कर रहे हैं।

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बिना स्पॉन्सर की मर्जी के नौकरी कैसे बदल सकते हैं?

कुवैत के प्राइवेट सेक्टर लेबर लॉ (Law No. 6 of 2010) के मुताबिक अगर कोई मालिक सैलरी देने से मना करता है, तो इसे कॉन्ट्रैक्ट का उल्लंघन माना जाता है। ऐसे मामले में कर्मचारी को यह हक मिलता है कि वह अपने मौजूदा स्पॉन्सर की अनुमति के बिना दूसरी कंपनी में जा सके। आमतौर पर आर्टिकल 18 वीज़ा वालों को ट्रांसफर के लिए तीन साल की सर्विस पूरी करनी होती है, लेकिन अगर तीन महीने या उससे ज़्यादा समय तक सैलरी नहीं मिलती, तो Public Authority for Manpower (PAM) ट्रांसफर की मंजूरी दे सकता है।

सैलरी देरी पर क्या हैं सरकारी नियम और सजा?

सरकार ने साफ कर दिया है कि कर्मचारियों की सैलरी के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इंटीरियर मिनिस्टर Sheikh Fahd Al-Yousef और PAM की डायरेक्टर जनरल Rabab Al-Osaimi ने कहा है कि वर्कर्स की सैलरी एक रेड लाइन है।

  • बैंक ट्रांसफर: आर्टिकल 57 के तहत, जिन कंपनियों में 5 या उससे ज़्यादा वर्कर हैं, उन्हें सैलरी सीधे बैंक अकाउंट में भेजनी होगी और इसका सबूत PAM को देना होगा।
  • कानूनी कार्रवाई: लगातार तीन महीने सैलरी न देने पर PAM कंपनी की फाइलें अस्थायी रूप से बंद कर सकता है। सितंबर 2025 में एक कंपनी मालिक पर बकाया पैसा न देने के कारण 5,000 KD का जुर्माना लगाया गया था।
  • उम्र का नियम: 24 दिसंबर 2025 से लागू नए रेजिडेंसी नियमों के अनुसार, अब कुवैत आने वाले वर्कर की उम्र 21 से 60 साल के बीच होनी चाहिए।

एब्सकॉन्डिंग रिपोर्ट और कोर्ट का आदेश

इस केस में कंपनी ने कर्मचारी पर एब्सकॉन्डिंग (फरार होने) की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसे कोर्ट ने गलत माना। लेबर लॉ के आर्टिकल 42 के अनुसार, एब्सकॉन्डिंग केस तभी दर्ज हो सकता है जब कोई कर्मचारी बिना किसी नोटिस के लगातार 7 दिनों तक काम से गायब रहे और उसका पता न चले। कोर्ट ने कंपनी को निर्देश दिया है कि वह कर्मचारी की बकाया सैलरी और ओवरटाइम का पूरा भुगतान करे और उसे दूसरी जगह नौकरी करने की अनुमति दे।

Frequently Asked Questions (FAQs)

कुवैत में बिना स्पॉन्सर की अनुमति के ट्रांसफर कब मिल सकता है?

अगर नियोक्ता 3 महीने या उससे अधिक समय तक वेतन का भुगतान नहीं करता है, तो PAM के नियमों और लेबर लॉ के तहत कर्मचारी बिना स्पॉन्सर की सहमति के ट्रांसफर ले सकता है।

एब्सकॉन्डिंग रिपोर्ट कब वैध मानी जाती है?

लेबर लॉ के आर्टिकल 42 के अनुसार, एब्सकॉन्डिंग रिपोर्ट तभी मान्य है जब कर्मचारी बिना सूचना के लगातार 7 दिनों तक काम से अनुपस्थित रहे।