कुवैत के लेबर मार्केट में तेजी से बढ़ोतरी देखी गई है और अब यहाँ काम करने वालों की कुल संख्या 32 लाख के आंकड़े को पार कर गई है। इस साल वर्कफोर्स में करीब 8.9 प्रतिशत की बढ़त हुई है, जिससे रोजगार के नए अवसर बढ़े हैं। इस पूरे बदलाव में भारतीय कामगारों की भूमिका सबसे बड़ी रही है।

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कुवैती नागरिकों और महिलाओं की स्थिति

सरकारी कामकाज में कुवैती नागरिकों की बड़ी हिस्सेदारी है। कुल 4.41 लाख कुवैती सरकारी नौकरियों में हैं, जिनमें से 76 प्रतिशत लोग इसी सेक्टर में काम करते हैं। खास बात यह है कि कुवैती महिलाओं ने एक बार फिर पुरुषों को पीछे छोड़ दिया है। अब 2.51 लाख महिलाएँ और 1.89 लाख पुरुष सरकारी और अन्य क्षेत्रों में कार्यरत हैं। सरकारी सेक्टर की बात करें तो यहाँ दिसंबर 2024 तक 2.07 लाख महिलाएँ और 1.93 लाख पुरुष काम कर रहे थे।

भारतीय और अन्य प्रवासियों का डेटा

कुवैत के लेबर मार्केट में प्रवासियों का बोलबाला है, जो कुल वर्कफोर्स का लगभग 79 प्रतिशत हैं। इसमें भारत सबसे ऊपर है। घरेलू कामगारों को छोड़कर भी यहाँ 5.78 लाख भारतीय काम कर रहे हैं। वहीं मिस्र दूसरे नंबर पर है जहाँ से 4.67 लाख लोग कुवैत में नौकरी कर रहे हैं। अगर सभी श्रेणियों को मिला लिया जाए तो 2025 की पहली तिमाही तक भारतीयों की संख्या करीब 8.84 लाख पहुँच गई है और मिस्र के नागरिकों की संख्या 4.72 लाख रही।

घरेलू कामगार और प्राइवेट सेक्टर

घरेलू कामगारों (Domestic Workers) की बात करें तो भारतीय पुरुष इस सेक्टर में सबसे ज्यादा हैं, जिनकी संख्या करीब 2.13 लाख है। भारत कुवैत के घरेलू लेबर मार्केट में 42.1 प्रतिशत हिस्सेदारी रखता है। वहीं महिला घरेलू कामगारों में फिलीपींस की संख्या सबसे ज्यादा रही। दूसरी ओर, प्राइवेट सेक्टर सबसे बड़ा रोजगार देने वाला क्षेत्र बना हुआ है, जहाँ करीब 17.9 लाख लोग काम कर रहे हैं, लेकिन इसमें कुवैती नागरिकों की हिस्सेदारी केवल 4.1 प्रतिशत ही है।

विवरण संख्या / डेटा
कुल वर्कफोर्स (2025 अंत तक) 32.12 लाख
कुल भारतीय नागरिक (Q1 2025) करीब 8.84 लाख
कुल मिस्र के नागरिक (Q1 2025) करीब 4.72 लाख
कुवैती महिला कर्मचारी 2.51 लाख
कुवैती पुरुष कर्मचारी 1.89 लाख
घरेलू कामगार (कुल) 8.85 लाख

सरकारी नियम और भविष्य की योजना

IMF ने अक्टूबर 2024 में सुझाव दिया था कि कुवैत को अपने लेबर मार्केट में सुधार करने की जरूरत है ताकि अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सके। इसके लिए कुवैती लोगों को प्राइवेट सेक्टर की ओर प्रोत्साहित करने की सलाह दी गई है। सरकार ने ‘New Kuwait Vision 2040’ प्लान भी शुरू किया है। इसके तहत विदेशी कंपनियों के लिए कुछ प्रतिशत कुवैती लोगों को नौकरी पर रखना जरूरी किया गया है, जो मैन्युफैक्चरिंग में 3 प्रतिशत से लेकर बैंकिंग सेक्टर में 75 प्रतिशत तक है।