कुवैत सरकार ने अपने लेबर मार्केट में बड़े सुधार किए हैं, जिससे वहां काम करने वाले प्रवासियों को काफी फायदा होगा। 27 जुलाई 2026 को हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में कुवैत के विदेश मंत्रालय, पब्लिक अथॉरिटी फॉर मैनपावर (PAM) और संयुक्त राष्ट्र (UN) के अधिकारियों ने श्रमिकों की सुरक्षा और उनके अधिकारों को मजबूत करने पर चर्चा की। इस कदम का उद्देश्य कामगारों को बेहतर सुरक्षा देना और कानूनी रूप से उन्हें सशक्त बनाना है।
प्रवासी कामगारों के लिए क्या बदले नियम
कुवैत सरकार ने जून 2026 में नए नियम पेश किए हैं, जिसके तहत प्रवासी कर्मचारी अब कुछ खास परिस्थितियों में अपना नियोक्ता (Employer) बदल सकते हैं। यदि कंपनी की तरफ से कोई गलती या नियमों का उल्लंघन होता है, तो कर्मचारी एक साल पूरा होने से पहले ही नौकरी बदल सकेंगे। इसके अलावा, 1 नवंबर 2025 से लागू नियमों के तहत अब कंपनियों को काम के घंटों का हिसाब इलेक्ट्रॉनिक रूप से रखना अनिवार्य है। जो कंपनियां लेबर नियमों का उल्लंघन करेंगी, वे नए वर्क परमिट जारी नहीं करवा सकेंगी।
कामगारों के लिए ‘Know Your Rights’ कैंपेन
PAM ने 27 जुलाई 2026 को ‘Know Your Rights’ नाम का एक अभियान शुरू किया है। इसके जरिए कर्मचारियों और मालिकों को श्रम कानून के आर्टिकल्स 83, 86, 87 और 88 के बारे में जानकारी दी जा रही है। इसका मुख्य मकसद काम की जगह पर सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
राष्ट्रीय प्रतिभाओं को बढ़ावा
कुवैत सरकार अपने नागरिकों को प्राइवेट सेक्टर में काम दिलाने के लिए भी काफी गंभीर है। नेशनल एंप्लॉयमेंट डेवलपमेंट डिपार्टमेंट के Abdullah Al-Muhaini ने बताया कि ‘Fakhrna’ (हमारा गर्व) प्लेटफॉर्म के जरिए नागरिकों को नौकरी के मौके दिए जा रहे हैं। साथ ही, कुवैत ने अपने मानवाधिकार ढांचे में बदलाव करते हुए नेशनल ह्यूमन राइट्स ब्यूरो का नाम बदलकर National Human Rights Institution कर दिया है, ताकि इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक प्रभावशाली बनाया जा सके।
