कुवैत सरकार ने अपनी सड़कों और हाईवे को खराब होने से बचाने के लिए एक हाई-टेक स्मार्ट ट्रक वेइंग सिस्टम शुरू किया है। अब भारी ट्रकों को वजन करवाने के लिए रुकने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि सड़क पर लगे सेंसर ही उनका वजन माप लेंगे। इस सिस्टम का मकसद ओवरलोड ट्रकों पर लगाम लगाना है ताकि सड़कें लंबे समय तक सुरक्षित रहें।
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कुवैत के पब्लिक वर्क्स मिनिस्ट्री (MPW) ने इस पहल की कमान संभाली है। मंत्री डॉ. Noura Al-Mashaan ने 7 जुलाई 2026 को Seventh Ring Road पर इस सिस्टम के पहले ऑपरेशनल साइट का निरीक्षण किया। यह तकनीक Weigh-in-Motion (WIM) पर आधारित है, जिससे चलते हुए वाहनों का वजन पता चल जाता है और अब मैन्युअल चेकिंग की जरूरत नहीं पड़ेगी।
इस सिस्टम की सबसे बड़ी बात यह है कि इसे सीधे इंटीरियर मिनिस्ट्री के डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है। अगर कोई ट्रक तय सीमा से ज्यादा वजन लेकर चलता पाया गया, तो सिस्टम खुद ही उसकी पहचान करेगा और इलेक्ट्रॉनिक तरीके से चालान काट देगा। इसके बाद उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए उन्हें इंटीरियर मिनिस्ट्री भेजा जाएगा।
इस तकनीक को लगाने में SWARCO Saudi, SWARCO Germany और स्थानीय कंपनी Al Shamlan International ने काम किया है। इसमें ANPR (नंबर प्लेट पहचानने वाली तकनीक), CCTV और LED साइन बोर्ड लगाए गए हैं ताकि ओवरलोड ट्रकों को पहले ही चुना जा सके। इसके अलावा, पब्लिक अथॉरिटी फॉर रोड्स एंड ट्रांसपोर्टेशन (PART) ने Quarterhill Inc. कंपनी के साथ मिलकर चार मुख्य जगहों पर HSWIM सिस्टम लगाने का कॉन्ट्रैक्ट किया है।
अधिकारियों का मानना है कि इस कदम से सड़कों की उम्र बढ़ेगी और भारी वाहनों की वजह से होने वाले महंगे नुकसान में कमी आएगी। इससे ट्रक कंपनियों को नियमों का सख्ती से पालन करना होगा और वे रिहायशी इलाकों की सड़कों पर भारी ट्रक नहीं ले जा पाएंगे।
बता दें कि कुवैत में ट्रैफिक नियमों को लेकर सख्ती पहले ही बढ़ाई जा चुकी है। 22 अप्रैल 2025 से लागू हुए नए कानून (Decree-Law No. 5/2025) के तहत ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर 150 कुवैती दीनार (लगभग 490 अमेरिकी डॉलर) तक का जुर्माना लग सकता है और गंभीर मामलों में तीन साल तक की जेल भी हो सकती है।
