ओमान में निवेश के मामले में कुवैत ने सबको पीछे छोड़ दिया है। ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, कुवैत अब ओमान में निवेश करने वाला सबसे बड़ा अरब देश बन गया है। दुनिया भर के देशों की लिस्ट में भी कुवैत तीसरे नंबर पर है। साल 2025 के आखिरी दौर तक यह निवेश 1.36 अरब ओमानी रियाल तक पहुंच गया।

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कुवैत ने ओमान में कितना पैसा लगाया?

ओमान के नेशनल सेंटर फॉर स्टैटिस्टिक्स एंड इंफॉर्मेशन (NCSI) ने बताया कि कुवैत ने ओमान में करीब 1.36 अरब ओमानी रियाल (लगभग 3.5 अरब डॉलर) का निवेश किया है। ओमान में कुल विदेशी निवेश भी बढ़ा है और यह अब 31.38 अरब ओमानी रियाल हो गया है। इसमें सबसे ज़्यादा पैसा तेल और गैस के क्षेत्र में लगा है, जो कुल निवेश का 80.9% है।

कौन से बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है?

दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ाने के लिए कई बड़े कदम उठाए गए हैं। इनमें से मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:

  • पेट्रोकेमिकल प्लांट: कुवैत पेट्रोलियम इंटरनेशनल (KPI) और ओमान का OQ ग्रुप मिलकर दुक्म (Duqm) में एक बहुत बड़ा पेट्रोकेमिकल प्लांट लगाएंगे।
  • बिज़नेस फोरम: 7 अप्रैल 2026 को ओमान-कुवैत बिज़नेस एंड इन्वेस्टमेंट फोरम हुआ, जहाँ दोनों देशों ने नए निवेश के मौकों पर बात की।
  • विज़न लक्ष्य: यह सब ओमान विज़न 2040 और कुवैत विज़न 2035 के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए किया जा रहा है।

निवेश बढ़ने से आम तौर पर क्या फायदा होगा?

ओमान ने अपने निवेश कानूनों में बदलाव किए हैं और स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन का विस्तार किया है। इससे बाहरी देशों के लिए निवेश करना आसान हो गया है। आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में नए प्रोजेक्ट्स की वजह से कुवैत का निवेश और भी तेज़ी से बढ़ेगा, जिससे दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.