कुवैत में रहने वाले लेबनानी नागरिकों के लिए एक बड़ी राहत वाली खबर आई है. अब उन्हें अपने बायोमेट्रिक पासपोर्ट के लिए फिंगरप्रिंट रजिस्ट्रेशन कराने के लिए लेबनान वापस जाने की ज़रूरत नहीं होगी. कुवैत दुनिया का पहला ऐसा देश बन गया है जहाँ लेबनान ने अपनी दूतावास सेवाओं में यह आधुनिक बदलाव किया है.
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इस नई सेवा की शुरुआत रविवार, 29 जून 2026 को लेबनान के आंतरिक और नगर पालिका मंत्री Brig. Gen. Ahmed Hajjar ने की. उन्होंने बताया कि यह कदम विदेश में रहने वाले लेबनानी नागरिकों के लिए सरकारी सेवाओं को आसान बनाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है.
कैसे काम करेगी यह व्यवस्था
अब लेबनान के निवासी कुवैत स्थित दूतावास में ही अपने बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट दे सकेंगे. यहाँ से डेटा इलेक्ट्रॉनिक तरीके से बेरूत स्थित General Directorate of General Security को भेजा जाएगा, जो पासपोर्ट जारी करेगा. इसके बाद पासपोर्ट वापस दूतावास भेज दिया जाएगा जहाँ से नागरिक इसे प्राप्त कर सकेंगे. इस पूरी प्रक्रिया में फिंगरप्रिंट रजिस्ट्रेशन और आवेदन के लिए 10 मिनट से भी कम समय लगेगा.
ज़रूरी तारीखें और नियम
- यह सेवा वर्तमान में ट्रायल बेसिस पर शुरू की गई है और इसके लिए अभी किसी अपॉइंटमेंट की ज़रूरत नहीं है.
- जुलाई 2026 की शुरुआत तक यह सर्विस पूरी तरह से चालू हो जाएगी.
- पुराने पासपोर्ट एक निश्चित समय तक मान्य रहेंगे, लेकिन 1 अक्टूबर 2026 से बायोमेट्रिक पासपोर्ट ही मानक बन जाएंगे.
सुरक्षा और भविष्य की योजनाएं
सरकार ने साफ किया है कि डेटा सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन किया गया है. बायोमेट्रिक जानकारी केवल लेबनान के General Security विभाग को भेजी जाएगी और किसी अन्य संस्था के साथ साझा नहीं की जाएगी. लेबनान के राजदूत Ghadi Khoury ने कहा कि इस सेवा के लिए कुवैत को पहले देश के रूप में चुनना दोनों देशों के बीच मज़बूत रिश्तों को दिखाता है.
आने वाले समय में इस सुविधा को अन्य खाड़ी देशों के दूतावासों और फिर पूरी दुनिया में लागू किया जाएगा. इससे प्रवासियों के लिए दस्तावेज़ीकरण आसान होगा और वे भविष्य के संसदीय और विदेशी चुनावों में भी आसानी से हिस्सा ले सकेंगे. इस प्रोजेक्ट में लेबनान के आंतरिक, विदेश और वित्त मंत्रालयों के साथ General Security विभाग ने तकनीकी और वित्तीय मदद दी है.
