कुवैत और लेबनान की सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़े खुफिया ऑपरेशन में दो खतरनाक ड्रग तस्करी नेटवर्कों को पूरी तरह खत्म कर दिया है. ये गिरोह सीमा पार से ऑपरेट कर रहे थे और कुवैत के लोगों को अपना निशाना बना रहे थे. इस कार्रवाई में कई तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जिन्होंने आधुनिक तकनीक और ऐप्स के जरिए अपना धंधा चलाया था.

‘The Devil’ और ‘Abu Hussein’ कौन थे और कैसे चलाते थे नेटवर्क?

जांच में पता चला है कि ड्रग्स सप्लाई करने वाले दो अलग-अलग गिरोह सक्रिय थे. इनमें से एक गिरोह का मुखिया ‘The Devil’ नाम का व्यक्ति था, जिसका जन्म 1997 में हुआ था. वह लेबनान में बैठकर इलेक्ट्रॉनिक ऐप्स के जरिए कुवैत में करीब 200 नशा करने वालों को ड्रग्स पहुंचाता था. उसके साथ एम.एस. (पांडा), एच.श. और एच.ए. जैसे सहयोगी भी थे, जो ड्रग्स की कमाई से मिले पैसों के लेन-देन को संभालते थे.

वहीं दूसरा नेटवर्क एक फिलिस्तीनी नागरिक ‘Abu Hussein’ चला रहा था. यह गिरोह पहले वाले से कहीं ज्यादा बड़ा था और कुवैत में लगभग 1,500 लोगों तक ड्रग्स पहुंचाता था. इस नेटवर्क के सहयोगी एच.जे. को भी सुरक्षा एजेंसियों ने गिरफ्तार कर लिया है.

इस ऑपरेशन में किन एजेंसियों ने की मदद और क्या रहा नतीजा?

इस बड़ी कामयाबी के पीछे लेबनान और कुवैत की एजेंसियों का आपसी सहयोग था. इस ऑपरेशन में मुख्य रूप से ये संस्थाएं शामिल रहीं:

  • लेबनानी आंतरिक सुरक्षा बल महानिदेशालय (Lebanese Internal Security Forces Directorate General)
  • केंद्रीय ड्रग प्रवर्तन ब्यूरो (Central Drug Enforcement Bureau)
  • लेबनान में कुवैती दूतावास का आपराधिक सुरक्षा ब्यूरो (Criminal Security Bureau)
  • न्यायिक पुलिस (Judicial Police)

लेबनान के गृह मंत्री अहमद हज्जार (Ahmad Hajjar) ने साफ कहा कि लेबनान कभी भी अपने अरब पड़ोसियों को नुकसान पहुंचाने का जरिया नहीं बनने देगा. उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई समाज को इस बुराई से बचाने के लिए की गई है और जो लोग अरब देशों के साथ संबंधों को खराब करेंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा. फिलहाल बाकी बचे आरोपियों को पकड़ने के लिए कुवैती अधिकारियों के साथ तालमेल जारी है.