कुवैत सरकार ने देश के इतिहास का सबसे बड़ा कानून सुधार प्लान शुरू किया है। इसके तहत कई नए कानून अब लागू हो चुके हैं, जिससे आम लोगों की सोशल सिक्योरिटी और देश के विकास में सुधार हुआ है। सरकार का मकसद सिस्टम को आधुनिक बनाना और सरकारी कामकाज को आसान करना है।

बिजनेस और डिजिटल कामकाज के नए नियम

कुवैत ने बिजनेस करने के तरीके को आसान बनाया है। अगस्त 2024 से नए नियम लागू हुए, जिसके बाद 175 तरह के फ्रीलांस और छोटे बिजनेस अब बिना ऑफिस के भी शुरू किए जा सकते हैं। इस फैसले से पहले तिमाही में ऐसे लाइसेंस लेने वालों में 227% की बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा, नवंबर 2025 में डिजिटल कॉमर्स कानून को मंजूरी दी गई, जिससे ऑनलाइन बिजनेस करने वालों को बेहतर सुरक्षा और सुविधा मिलेगी।

सोशल सिक्योरिटी और पेंशन में बदलाव

Public Institution for Social Security (PIFSS) ने सोशल सिक्योरिटी सिस्टम में कई सुधार किए हैं। अब बीमाकृत व्यक्तियों की पत्नियों और बेटियों के लिए इलेक्ट्रॉनिक रजिस्ट्रेशन की सुविधा शुरू की गई है। वहीं, नेशनल असेंबली ने एक अर्ली रिटायरमेंट कानून पास किया है, जिसमें 30 साल की सर्विस वाले पुरुषों और 25 साल की सर्विस वाली महिलाओं को पूरी पेंशन मिलेगी।

एक और महत्वपूर्ण फैसले में, 7 जून 2026 को PIFSS ने आदेश जारी किया कि जिन लोगों की कुवैती नागरिकता वापस ले ली गई है और वे पेंशन के हकदार नहीं हैं, उन्हें उनके बीमा योगदान का पैसा वापस किया जाएगा।

अर्थव्यवस्था और विकास का हिसाब

कुवैत सरकार ने आर्थिक मजबूती के लिए Public Debt Law लागू किया, जिससे सरकार 30 अरब कुवैती दीनार तक कर्ज ले सकती है। इससे देश की क्रेडिट रेटिंग A+ से बढ़कर AA+ हो गई है।

विवरण आंकड़ा/स्थिति
सार्वभौमिक रेटिंग (Sovereign Rating) A+ से बढ़कर AA+
कर्ज लेने की सीमा (Public Debt) 30 अरब कुवैती दीनार
डेवलपमेंट बजट खर्च 600 मिलियन कुवैती दीनार से ज्यादा
GDP ग्रोथ अनुमान (2025) 2.6%
GDP ग्रोथ अनुमान (2026) 3.4%
शेयर बाजार मुनाफा (H1 2025) 61% की बढ़ोतरी
नए बिजनेस लाइसेंस 9.4% की वृद्धि

सुरक्षा और नागरिकता सुधार

देश में कानून व्यवस्था को सुधारने के लिए नए एंटी-ड्रग कानून लाए गए, जिससे नशीले पदार्थों की तस्करी के मामलों में 44% की कमी आई है। साथ ही, नाम सुधार और वंशावली दावों के लिए मई 2026 में नया कानून लाया गया। मनी लॉन्ड्रिंग रोकने के लिए दुकानों के लाइसेंसिंग नियमों में भी बदलाव किया गया है ताकि वित्तीय सुरक्षा बनी रहे।

सरकारी योगदान और नियम

कुवैत के सोशल सिक्योरिटी सिस्टम के तहत नियोक्ता (Employer) को वेतन का 11.5% और कर्मचारी (Employee) को 8% योगदान देना होता है। इसकी अधिकतम सीमा 2,750 कुवैती दीनार तय की गई है। यह पैसा बुढ़ापे की पेंशन, बीमारी और बेरोजगारी बीमा के लिए इस्तेमाल होता है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.