कुवैत में आम जनता और प्रवासियों को महंगाई से बचाने के लिए वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय (MCI) ने एक सख्त कदम उठाया है। 14 मार्च 2026 को Farwaniya और Ahmadi इलाकों में बड़े स्तर पर चेकिंग अभियान चलाया गया। मंत्री ओसामा बुदई के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई में कुल 36 दुकानों पर नियमों को तोड़ने का मामला दर्ज किया गया है। मंत्रालय की इस सख्ती का सीधा असर उन दुकानदारों पर पड़ेगा जो सामान के लिए मनमाना पैसा वसूल रहे थे।

किन गलतियों पर हुई कार्रवाई?

मंत्रालय की चेकिंग टीम ने बाजारों में घूम-घूम कर दुकानों की जांच की। जिन दुकानों पर नियमों का पालन नहीं हो रहा था, उन पर तुरंत एक्शन लिया गया। मुख्य रूप से इन गलतियों पर मामला दर्ज हुआ है:

  • तय कीमत से ज्यादा दाम: खाने-पीने की चीजों पर सरकार द्वारा तय किए गए दाम से ज्यादा पैसे लेना।
  • रेट लिस्ट ना होना: ग्राहकों के लिए सामान पर साफ तौर पर दाम ना लिखना और जानकारी छिपाना।
  • गलत ऑफर: बिना परमिशन के या गलत तरीके से ग्राहकों को लुभाने के लिए प्रमोशन चलाना।
  • बिल ना देना: सामान का पक्का Invoice ना देना और प्रोडक्ट किस देश का है, यह ना बताना।
  • लाइसेंस के नियम: अपने Commercial License की लिमिट से बाहर जाकर काम करना।

क्या है कुवैत सरकार का नया नियम?

कुवैत सरकार ने 2 मार्च 2026 को एक नया आदेश जारी किया था। इसके तहत सभी खाने-पीने की चीजों के दाम 28 फरवरी 2026 वाले रेट पर फिक्स कर दिए गए हैं। अगर कोई दुकानदार दाम बढ़ाना चाहता है, तो उसे पहले मंत्रालय से परमिशन लेनी होगी। इस नियम का पालन ना करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है और उनके केस Commercial Prosecution को भेज दिए गए हैं।

इससे पहले भी 11 से 13 मार्च के बीच Ahmadi, Jahra और Mubarak Al-Kabeer में भारी चेकिंग हुई थी। उस दौरान 83 दुकानों पर मामले दर्ज हुए और 7 बड़े मार्केट बंद करा दिए गए थे। मंत्रालय ने साफ कहा है कि यह अभियान आगे भी सभी इलाकों में जारी रहेगा ताकि ग्राहकों के अधिकारों को सुरक्षित रखा जा सके।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.