कुवैत की सेना और सुरक्षा बलों ने ईरान की आक्रामक हरकतों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। हाल ही में बॉर्डर पर हुए ड्रोन हमलों के बाद देश की सुरक्षा प्रणालियों को और मजबूत किया गया है। कुवैत ने साफ कर दिया है कि अपनी संप्रभुता और स्थिरता की रक्षा के लिए वह हर जरूरी कदम उठाएगा।

कुवैत के बॉर्डर पर ड्रोन हमला कब और कैसे हुआ?

  • 25 अप्रैल 2026 को कुवैत के उत्तरी सीमा चौकियों पर दो विस्फोटक ड्रोन से हमला हुआ।
  • ये ड्रोन इराक की तरफ से आए थे और इन्हें फाइबर-ऑप्टिक केबल के जरिए गाइड किया गया था।
  • इस हमले में सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचा लेकिन राहत की बात यह रही कि किसी इंसान की जान नहीं गई।
  • इस घटना के बाद कुवैत की मिलिट्री और सिक्योरिटी संस्थाओं ने अपनी मुस्तैदी बढ़ा दी है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुवैत और अन्य देशों का क्या रुख है?

कुवैत के विदेश मंत्रालय ने ईरान के इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन बताया है। कुवैत ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के आर्टिकल 51 के तहत आत्मरक्षा के अपने अधिकार को दोहराया है।

इस मामले में कुवैत अकेला नहीं है। सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), बहरीन, कतर और जॉर्डन ने मिलकर ईरान और उसके समर्थित सशस्त्र समूहों द्वारा क्षेत्रीय बुनियादी ढांचे पर किए गए हमलों की निंदा की है। कुवैत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से मांग की है कि वह इन हरकतों को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए।

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का क्या असर है?

क्षेत्र में तनाव की एक बड़ी वजह अमेरिका द्वारा ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी है। अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने 24 अप्रैल 2026 को कहा कि अगर ईरान ने और बारूदी सुरंगें बिछाईं तो यह युद्धविराम का उल्लंघन माना जाएगा।

दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची इस्लामाबाद, मस्कट और मॉस्को का दौरा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह देखना बाकी है कि अमेरिका कूटनीति के लिए वास्तव में गंभीर है या नहीं। इस तनाव के बीच कुवैत में मौजूद अमेरिकी कैंप अरिफजन, इटली और कनाडा के सैन्य ठिकानों को भी नुकसान पहुंचा है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.