कुवैत की सरकार ने नेशनल मिलिट्री सर्विस कानून में बड़े बदलाव किए हैं। अब 18 साल की उम्र पूरी करते ही कुवैती युवाओं को मिलिट्री सर्विस के लिए रिपोर्ट करना होगा। यह नया नियम 1 जनवरी 2012 या उसके बाद जन्मे लोगों पर लागू किया गया है। सरकार ने रजिस्ट्रेशन का समय भी बढ़ा दिया है ताकि किसी को परेशानी न हो और प्रक्रिया आसानी से पूरी की जा सके।

किन लोगों को मिलिट्री सर्विस देना जरूरी है?

नए कानून के मुताबिक, 1 जनवरी 2012 को या उसके बाद जन्मे सभी कुवैती पुरुषों को अनिवार्य सेवा देनी होगी। 18 साल का होने पर अब युवाओं को रजिस्ट्रेशन के लिए पहले मिलने वाले 60 दिन के बजाय अब 180 दिन का समय मिलेगा।

एक बड़ी राहत यह दी गई है कि 1 जनवरी 2012 से पहले जन्मे लोगों को इस अनिवार्य सेवा से पूरी तरह छूट दे दी गई है। उन पर चल रहे पुराने मामले या कानूनी कार्रवाई को भी अब रद्द कर दिया गया है, जिससे हजारों लोगों को राहत मिली है।

नौकरी और सैलरी पर क्या असर पड़ेगा?

सरकार ने युवाओं के अधिकारों का पूरा ध्यान रखा है। जो लोग पहले से नौकरी कर रहे हैं, उन्हें मिलिट्री सर्विस के दौरान पूरी सैलरी, बोनस और अलाउंस मिलते रहेंगे। उनकी सर्विस का समय उनकी नौकरी के कुल सालों में जोड़ा जाएगा, जिससे पेंशन और सीनियरिटी में फायदा होगा।

इसके अलावा, अब सरकारी या प्राइवेट नौकरी पाने के लिए मिलिट्री सर्विस का सर्टिफिकेट दिखाना अनिवार्य कर दिया गया है। अगर कोई अपना खुद का काम या प्रैक्टिस शुरू करना चाहता है, तो उसे भी पहले सर्विस पूरी होने या छूट का सबूत देना होगा।

सेवा कहां करनी होगी और किसे मिलेगी छूट?

अब युवाओं को सिर्फ आर्मी ही नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा से जुड़े चार अलग-अलग विभागों में तैनात किया जा सकता है। इसमें कुवैत आर्मी, पुलिस (गृह मंत्रालय), नेशनल गार्ड और कुवैत फायर फोर्स शामिल हैं। कुछ खास लोगों को इस सेवा से बाहर रखा गया है:

  • घर का इकलौता बेटा (Only Son)।
  • मिलिट्री कॉलेज या स्कूल में पढ़ने वाले छात्र।
  • सेना, पुलिस या फायर फोर्स में पहले से 5 साल से काम कर रहे लोग।
  • कुवैत ऑयल कंपनी (KOC) के फायरफाइटर्स।