कुवैत की Mina Al-Ahmadi रिफ़ाइनरी पर शुक्रवार, 3 अप्रैल 2026 को ड्रोन से हमला हुआ है. इस हमले के बाद रिफ़ाइनरी की कई यूनिट्स में आग लग गई, जिसे बुझाने के लिए इमरजेंसी टीमें तुरंत काम पर लग गईं. कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (KPC) और पर्यावरण विभाग ने अब हवा की क्वालिटी को लेकर स्थिति साफ़ की है ताकि वहां रहने वाले लोग और प्रवासी घबराएं नहीं. प्रशासन का कहना है कि स्थिति अब पूरी तरह काबू में है और निगरानी रखी जा रही है.

क्या हमले के बाद हवा में फैल गया है ज़हर?

कुवैत की पब्लिक अथॉरिटी फॉर एनवायरनमेंट (EPA) और कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन ने एक साझा बयान जारी किया है. अधिकारियों ने साफ़ तौर पर कहा है कि रिफ़ाइनरी में आग लगने के बाद भी हवा की क्वालिटी पूरी तरह सामान्य है. प्रदूषण का स्तर तय सीमा के भीतर है और इससे आम जनता की सेहत को कोई खतरा नहीं है. रिफ़ाइनरी के अंदर लगे सेंसर और हवा मापने वाले स्टेशनों पर कोई भी असामान्य रीडिंग नहीं मिली है. प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि वे लगातार 24 घंटे मॉनिटरिंग कर रहे हैं और आंकड़ों में कोई गड़बड़ी नहीं है.

हादसे से जुड़ी ज़रूरी जानकारी और ताज़ा हालात

प्रशासन ने हमले के बाद की स्थिति को लेकर कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की हैं जो कुवैत में रह रहे प्रवासियों के लिए राहत की बात हैं:

  • आग को काबू करने के दौरान किसी भी कर्मचारी के घायल होने या जान जाने की खबर नहीं है.
  • नेशनल गार्ड ने सोशल मीडिया पर चल रही रेडियोएक्टिव लीक की अफवाहों को सिरे से खारिज किया है.
  • प्रशासन ने बताया कि एमरजेंसी टीमों ने आग पर तेज़ी से काबू पाया ताकि नुकसान ज़्यादा न फैले.
  • ड्रोन हमले की वजह से रिफ़ाइनरी की कुछ यूनिट्स और एक पावर प्लांट को भी मामूली नुकसान हुआ है.
  • सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इन हमलों के पीछे ईरान का हाथ हो सकता है जो कुवैत के एनर्जी सेंटर को निशाना बना रहा है.

कुवैत सरकार ने साफ़ किया है कि तेल रिफ़ाइनरी में काम और सप्लाई जारी रखने के लिए सभी सेफ्टी स्टैंडर्ड्स का पालन किया जा रहा है. भारतीय और अन्य विदेशी कर्मचारी जो इन औद्योगिक क्षेत्रों के करीब रहते हैं, उन्हें घबराने की ज़रूरत नहीं है क्योंकि वर्तमान डेटा के अनुसार हवा और वातावरण पूरी तरह सुरक्षित है.

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.