कुवैत के शिक्षा मंत्रालय ने 16 मार्च 2026 को एक बड़ा मॉक इवैक्यूएशन ड्रिल पूरा किया। यह ड्रिल मुबारक़ अल-कबीर, हवल्ली और कैपिटल एजुकेशनल डिस्ट्रिक्ट के शेल्टर और प्रशासनिक बिल्डिंग में किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य आपातकालीन स्थितियों के लिए शेल्टर की तैयारियों को परखना और स्टाफ को तेजी से सुरक्षित जगह पर पहुंचने की ट्रेनिंग देना था। कुवैत में काम करने वाले भारतीय प्रवासियों और उनके बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से यह कदम काफी अहम माना जा रहा है।

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सुरक्षा को लेकर कैसी रही ड्रिल की तैयारी?

इस पूरी प्रक्रिया में कुवैत के कई प्रमुख विभागों ने एक साथ मिलकर काम किया। शिक्षा मंत्रालय की सेफ्टी टीम के साथ डायरेक्ट्रेट-जनरल ऑफ सिविल डिफेंस और मिनिस्ट्री ऑफ इंटीरियर ने भी इसमें हिस्सा लिया और सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की। ड्रिल के दौरान पहले से तय किए गए इमरजेंसी इवैक्यूएशन नियमों का पालन किया गया।

  • शेल्टर की जांच: इन तीनों जिलों के स्कूलों और प्रशासनिक बिल्डिंग में मौजूद शेल्टर के स्ट्रक्चर और अन्य उपकरणों की स्थिति को परखा गया।
  • रेस्पॉन्स टाइमिंग: आपातकाल के समय बिल्डिंग को कितनी जल्दी खाली कराया जा सकता है और लोगों को सुरक्षित असेंबली पॉइंट तक पहुंचाने में कितना समय लगता है, इसकी बारीकी से जांच हुई।
  • समन्वय: पुलिस और सुरक्षा अधिकारियों की देखरेख में पूरे फील्ड ऑपरेशन को सुरक्षित तरीके से अंजाम दिया गया।

इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य क्या था?

मंत्रालय ने बताया कि यह उनकी लगातार चलने वाली प्रिवेंटिव प्लानिंग का हिस्सा है। इससे स्कूल और प्रशासनिक विभागों में काम करने वाले स्टाफ के बीच सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ती है। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की फील्ड ड्रिल से मौजूदा इमरजेंसी प्लान की जांच होती है और भविष्य के लिए सुधार का मौका मिलता है।

शिक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि एजुकेशनल फैसिलिटी में मौजूद हर एक व्यक्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करना उनकी पहली प्राथमिकता है और इसके लिए वे पूरी तरह तैयार हैं। कुवैत में बड़ी संख्या में विदेशी नागरिक रहते हैं जिनके बच्चे इन स्कूलों में पढ़ते हैं। इस सफल ड्रिल से प्रवासियों के बीच भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर भरोसा बढ़ता है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.