कुवैत के उत्तरी रिहायशी इलाके में आसमान से ड्रोन और मिसाइलों के टुकड़े गिरने की वजह से हड़कंप मच गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी दी है कि इस घटना में कुल 6 लोग जख्मी हुए हैं। राहत और बचाव की टीमें मौके पर मौजूद हैं और घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया है। कुवैती अधिकारियों ने इस घटना को ईरान की तरफ से की गई एक गंभीर आक्रामक हरकत करार दिया है।

अब तक क्या-क्या हुआ और कितना नुकसान हुआ?

कुवैत के अलग-अलग सरकारी विभागों ने पिछले कुछ दिनों में हुई इन घटनाओं की पूरी जानकारी साझा की है। डिफेंस और इमरजेंसी टीमें पूरी तरह अलर्ट पर हैं। मंत्रालय और सुरक्षा बलों ने मलबे से जुड़े हादसों का ब्यौरा दिया है।

विभाग का नाम नुकसान और कार्रवाई की जानकारी
Ministry of Health 6 लोग घायल हुए हैं, घायलों में दो महिलाएं भी शामिल हैं।
Ministry of Defense 8 बैलिस्टिक मिसाइल और 19 ड्रोन को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट किया।
Fire Force मलबे और सीधे हमले से लगी आग की 90 घटनाओं को संभाला गया।
Ministry of Interior बम निरोधक दस्तों ने अब तक मलबे से जुड़ी 629 रिपोर्ट पर काम किया।
Petroleum Corp ऑपरेटिंग यूनिट्स में आग लगने से भारी संपत्ति का नुकसान हुआ।
Electricity & Water दो बिजली प्लांट के यूनिट्स को हमले की वजह से बंद करना पड़ा।

सुरक्षा और सावधानी के लिए क्या कदम उठाए गए?

कुवैत के गृह मंत्रालय और नेशनल गार्ड की बम निरोधक टीमें गिरे हुए टुकड़ों की जांच कर रही हैं। मंत्रालय के प्रवक्ता ब्रिगेडियर नासिर Bousleib ने बताया है कि पिछले 24 घंटों में ही 13 नई रिपोर्ट मिली हैं। अधिकारियों ने स्थानीय लोगों और वहां काम कर रहे भारतीय प्रवासियों को सलाह दी है कि वे सतर्क रहें। सेना के प्रवक्ता कर्नल सऊद अल ओतैबी ने पुष्टि की है कि मलबे गिरने से घरों को नुकसान पहुंचा है लेकिन डिफेंस सिस्टम लगातार खतरों को रोक रहा है। लोगों से अपील की गई है कि किसी भी अनजान वस्तु को हाथ न लगाएं और तुरंत प्रशासन को जानकारी दें।