कुवैत में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। रविवार तड़के देश के आसमान में मिसाइल और ड्रोन देखे गए, जिन्हें कुवैत की सेना ने समय रहते रोक दिया। इस वजह से देश के कई हिस्सों में धमाकों की आवाज़ें सुनी गईं, जिससे लोग काफी डर गए।
कुवैत की सेना ने बताया कि रविवार सुबह राष्ट्रीय हवाई क्षेत्र में दुश्मन के खतरों का पता चला था, जिन्हें सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया गया। General Command of the Armed Forces ने जनता से सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की क्योंकि इंटरसेप्शन का काम जारी था।
रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल Saud Al-Atwan ने कन्फर्म किया कि रिहायशी इलाकों के ऊपर मिसाइलों को रोका गया, जिसकी वजह से कुछ जगहों पर मलबा गिरा। General Fire Force के प्रवक्ता ब्रिगेडियर Mohammed Al-Gharib ने बताया कि उनकी टीम ने मलबे से जुड़ी 9 घटनाओं पर कार्रवाई की, जिसमें 4 जगहों पर आग लगी थी और उन इलाकों को सुरक्षित किया गया।
कुवैत के लिए यह महीना काफी मुश्किल रहा है। जून 2026 में कई बार हमले हुए हैं:
- 1-2 जून: एयर डिफेंस ने 7 बैलिस्टिक मिसाइलों को रोका।
- 3 जून: ईरान के एक बड़े हमले में 13 बैलिस्टिक मिसाइल और 17 ड्रोन दागे गए। इस हमले ने कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट और अन्य जरूरी ठिकानों को निशाना बनाया। इसमें एक भारतीय निवासी की मौत हो गई और कई लोग घायल हुए।
- 7 जून: एक बार फिर रात के समय हमला हुआ, जिसे सरकार ने संप्रभुता का उल्लंघन बताया।
प्रधानमंत्री Sheikh Ahmad Abdullah Al-Ahmad Al-Sabah की अध्यक्षता में कैबिनेट ने इन हमलों की कड़ी निंदा की। कैबिनेट ने कहा कि ईरान द्वारा किए गए ये हमले बेहद खतरनाक हैं और इससे आम लोगों की जान को खतरा है। कुवैत सरकार ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत आत्मरक्षा के अपने अधिकार की बात कही और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया।
यह पूरा मामला अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद बढ़ा है। इसी दौरान बहरीन में भी चेतावनी के सायरन बजे और वहां भी ड्रोन और मिसाइल हमलों का सामना करना पड़ा। US Central Command ने भी पुष्टि की कि उनके बलों ने ईरानी प्रोजेक्टाइल्स को मार गिराया।
