कुवैत के आसमान में आज सुबह भारी हलचल रही जब बाहरी ताकतों ने मिसाइलों और ड्रोन्स से हमला करने की कोशिश की। कुवैत की सेना ने मुस्तैदी दिखाते हुए इन सभी खतरों को समय रहते रोक लिया। इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है।
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बुधवार, 8 जुलाई 2026 की सुबह कुवैत की सेना ने दो बैलिस्टिक मिसाइलों और 13 ड्रोन्स को हवा में ही मार गिराया। इन मिसाइलों और ड्रोन्स ने कुवैत की हवाई सीमा में घुसने की कोशिश की थी, जिन्हें सेना ने सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर लिया।
रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल स्टाफ Saud Abdulaziz Al-Atwan ने कन्फर्म किया है कि सभी खतरों को नाकाम कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस पूरी घटना में कोई भी इंसान घायल नहीं हुआ और न ही किसी संपत्ति को कोई नुकसान पहुँचा है।
इस हमले के पीछे ईरान के Revolutionary Guard Corps (IRGC) का हाथ बताया जा रहा है। IRGC ने इस हमले की ज़िम्मेदारी लेते हुए कहा कि यह अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हवाई हमलों का जवाब था। ईरान ने कुवैत में मौजूद Ali Al Salem Air Base समेत अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया था।
कुवैत की आर्मी के जनरल स्टाफ ने जनता से अपील की है कि वे सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। सेना ने साफ किया है कि वे देश की सुरक्षा और वहां रहने वाले सभी नागरिकों और प्रवासियों की जान बचाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
