कुवैत में पिछले 24 घंटों के दौरान तनाव की स्थिति बनी हुई है। ईरान की तरफ से लगातार दागे जा रहे मिसाइल और ड्रोन हमलों ने कुवैत की सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर रख दिया है। हालांकि कुवैत के एयर डिफेंस सिस्टम ने कई हमलों को हवा में ही नाकाम कर दिया, लेकिन कुछ ड्रोन सरकारी दफ्तरों तक पहुंचने में कामयाब रहे। इस हमले के बाद सरकारी कर्मचारियों के लिए नए निर्देश जारी किए गए हैं।

हमलों की वजह से कुवैत में क्या हुआ और कितना नुकसान है?

शनिवार की शाम को हुए ड्रोन हमले की वजह से कुवैत सिटी में मंत्रालयों के परिसर को काफी नुकसान पहुंचा है। कुवैत के वित्त मंत्रालय ने जानकारी दी है कि दफ्तरों की इमारतों में संपत्ति का नुकसान हुआ है। राहत की बात यह है कि इस हमले में किसी व्यक्ति के घायल होने या जान जाने की खबर नहीं है। सुरक्षा कारणों से प्रशासन ने रविवार को कर्मचारियों को घर से ही काम करने का आदेश दिया है।

रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी किए गए आधिकारिक आंकड़े क्या हैं?

कुवैत के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल सऊद अब्दुलअजीज अल अतवान ने पिछले दो दिनों में हुए हमलों का ब्यौरा दिया है। मंत्रालय ने इन हमलों को सफलतापूर्वक रोकने की पुष्टि की है।

  • 4 अप्रैल को पिछले 24 घंटों के भीतर 8 बैलिस्टिक मिसाइल और 19 दुश्मन ड्रोन को कुवैती हवाई क्षेत्र में नष्ट किया गया।
  • 3 अप्रैल को मंत्रालय ने 7 बैलिस्टिक मिसाइल, 2 क्रूज मिसाइल और 26 ड्रोन को इंटरसेप्ट करने की जानकारी दी थी।
  • इन हमलों में मीना अल अहमदी रिफाइनरी और एक बिजली व पानी के प्लांट को निशाना बनाने की कोशिश की गई थी।
  • सोशल मीडिया पर कुछ खबरों में 9 मिसाइल और 31 ड्रोन का दावा भी किया जा रहा है जो आधिकारिक आंकड़ों से थोड़ा अलग है।

भारतीय प्रवासियों और क्षेत्रीय स्थिति पर इसका क्या असर है?

कुवैत में बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासी काम करते हैं। तेल रिफाइनरी और सरकारी परिसरों के पास हुए इन हमलों ने वहां रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है। कुवैत की सेना और एयर डिफेंस यूनिट्स पूरी तरह सक्रिय हैं और नागरिकों को शांत रहने की सलाह दी गई है। यह हमला उस समय हुआ है जब क्षेत्र में पहले से ही तनाव चल रहा है और अमेरिका व इसराइल के साथ ईरान के संबंध काफी खराब दौर से गुजर रहे हैं।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.