कुवैत पर गुरुवार, 28 मई 2026 को एक बार फिर मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया गया है। इस हमले के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) समेत सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। कुवैत के विदेश मंत्रालय ने इसे अपनी संप्रभुता का सीधा उल्लंघन बताते हुए गंभीर चिंता जताई है। अमेरिकी सेना ने भी इस हमले को लेकर ईरान पर युद्धविराम के उल्लंघन का आरोप लगाया है।
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कुवैत पर हमले को लेकर सऊदी अरब और UAE ने क्या कहा
सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने कुवैत पर हुए इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। सऊदी अरब ने साफ किया है कि वह कुवैत की सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए उसके हर कदम के साथ खड़ा है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के विदेश मंत्रालय ने भी इसे आतंकवादी हमला करार दिया और कहा कि यह क्षेत्र की स्थिरता को खतरे में डालने की कोशिश है। वहीं, इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) ने 29 मई 2026 को एक आधिकारिक बयान जारी कर कुवैत के प्रति अपनी पूरी एकजुटता व्यक्त की है।
अमेरिकी सेना और ईरान का इस हमले पर क्या रुख है
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने आरोप लगाया है कि ईरान ने बुधवार देर रात कुवैत की तरफ मिसाइलें दागी थीं। कुवैत के एयर डिफेंस सिस्टम ने इन हमलों को समय रहते हवा में ही रोक दिया और नष्ट कर दिया। अमेरिकी सेना ने इसे एक बेहद गंभीर युद्धविराम का उल्लंघन बताया है और इसके जवाब में दक्षिणी ईरान में मिसाइल लॉन्च साइटों पर रक्षात्मक हमले करने की बात कही है। दूसरी तरफ, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बंदर अब्बास एयरपोर्ट के पास हुई सैन्य गतिविधि की पुष्टि की है और इसे जवाबी कार्रवाई बताया है।
खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों पर इसका क्या असर होगा
कुवैत और अन्य खाड़ी देशों में बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासी रहते हैं। इस तनाव के कारण प्रवासियों में सुरक्षा को लेकर चिंता देखी जा रही है। हालांकि, कुवैत के सैन्य बलों ने साफ किया है कि उनका डिफेंस सिस्टम पूरी तरह से सक्रिय है और देश के भीतर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं। खाड़ी देशों की यात्रा करने वाले या वहां रहने वाले प्रवासियों को सलाह दी जाती है कि वे स्थानीय सरकारी सूचनाओं और दिशा-निर्देशों पर नजर रखें।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कुवैत पर यह ड्रोन और मिसाइल हमला कब हुआ था?
कुवैत की सीमा और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर यह हमला गुरुवार, 28 मई 2026 को किया गया था, जिसे कुवैत के एयर डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही नष्ट कर दिया।
इस हमले को लेकर अमेरिका और ईरान का क्या कहना है?
अमेरिकी सेना ने ईरान पर सीधे तौर पर युद्धविराम के उल्लंघन का आरोप लगाया है, जबकि ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने इसे जवाबी कार्रवाई बताया है।