कुवैत के आसमान में मिसाइलों और ड्रोनों के हमले से अचानक हड़कंप मच गया है। 28 मई 2026 को हुए इस बड़े हमले के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव काफी ज्यादा बढ़ गया है। इस खतरनाक हमले के तुरंत बाद सऊदी अरब ने इसकी बेहद कड़े शब्दों में निंदा की है और कुवैत के साथ अपनी पूरी एकजुटता जाहिर की है। कुवैत की सेना ने सूझबूझ दिखाते हुए इन हमलों को हवा में ही नाकाम कर दिया, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया।

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सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने क्या कहा

सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने इस हमले को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया है। मंत्रालय की तरफ से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि सऊदी अरब किसी भी देश की संप्रभुता के उल्लंघन और खाड़ी देशों की सुरक्षा को खतरे में डालने वाली हरकतों को कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। सऊदी सरकार ने जोर देकर कहा कि खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के देशों की सुरक्षा पूरे अरब जगत की राष्ट्रीय सुरक्षा का एक बेहद जरूरी हिस्सा है। सऊदी अरब ने कुवैत की संप्रभुता और नागरिकों की सुरक्षा के लिए उठाए जाने वाले हर कदम को अपना पूरा समर्थन देने का ऐलान किया है। इस मामले में बहरीन और कतर ने भी कुवैत का खुलकर समर्थन किया है।

हमले के पीछे किसका हाथ है और क्यों हुआ हमला

इस हमले की जिम्मेदारी ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने ली है। ईरान का दावा है कि उसने कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने को निशाना बनाकर यह हमला किया था। ईरान ने इसे दक्षिणी ईरान के बंदर अब्बास हवाई अड्डे के पास अमेरिकी हवाई हमलों का जवाब बताया है, जहां अमेरिकी सेना ने ईरानी ड्रोनों को मार गिराया था। कुवैत के सैन्य अधिकारियों ने पुष्टि की है कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने इन मिसाइलों और ड्रोनों को हवा में ही सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया था। अमेरिकी सेना ने भी इस हमले की निंदा की है और इसे युद्धविराम समझौते का बड़ा उल्लंघन करार दिया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

कुवैत पर मिसाइल और ड्रोन हमला कब और किसने किया?

यह हमला 28 मई 2026 को हुआ था। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने को निशाना बनाकर मिसाइल और ड्रोन दागे थे।

सऊदी अरब ने इस हमले पर क्या प्रतिक्रिया दी है?

सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है और कुवैत के साथ पूरी एकजुटता व्यक्त करते हुए कहा है कि वह कुवैत की सुरक्षा के लिए हर कदम का समर्थन करता है।