कुवैत में 28 मई 2026 की सुबह एक बड़ा सुरक्षा संकट देखने को मिला जब देश की सीमा को निशाना बनाकर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया गया। कुवैत के एयर डिफेंस सिस्टम ने इस हमले को हवा में ही नाकाम कर दिया जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। इस घटना के तुरंत बाद पूरे कुवैत में सुबह 5:22 बजे एयर रेड सायरन बजाए गए जिससे स्थानीय नागरिकों और वहां रहने वाले प्रवासियों में हड़कंप मच गया। इस हमले की सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कतर समेत पूरे खाड़ी देशों ने कड़ी निंदा की है और कुवैत के साथ खड़े रहने का वादा किया है।
कुवैत पर हुए इस हमले की पूरी कहानी क्या है?
कुवैत के विदेश मंत्रालय ने इस हमले को देश की संप्रभुता और सुरक्षा का सीधा उल्लंघन बताया है। कुवैती सेना के जनरल स्टाफ ने पुष्टि की है कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने दुश्मन के मिसाइल और ड्रोन को सफलतापूर्वक हवा में ही नष्ट कर दिया। हवा में मिसाइलें टूटने की वजह से कुवैत शहर में तेज धमाकों की आवाजें सुनी गईं। सुबह 5:22 बजे बजे सायरन की आवाज ने लोगों को सचेत किया, जो लंबे समय बाद कुवैत में बजा है। राहत की बात यह है कि सेना की मुस्तैदी के कारण इस हमले में किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं आई है।
सऊदी, UAE और कतर ने हमले पर क्या कहा?
इस हमले के बाद खाड़ी देशों ने कुवैत के समर्थन में कड़े बयान जारी किए हैं:
- सऊदी अरब: सऊदी विदेश मंत्रालय ने इसे एक शत्रुतापूर्ण कृत्य बताते हुए कहा कि वे कुवैत की सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए उठाए जाने वाले हर कदम का समर्थन करते हैं।
- यूएई (UAE): यूएई ने इसे एक आतंकवादी हमला करार दिया और कहा कि यह पूरे क्षेत्र की शांति और स्थिरता के लिए एक गंभीर खतरा है।
- कतर: कतर ने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन बताया और क्षेत्र में तनाव को कम करने की अपील की।
- GCC: खाड़ी सहयोग परिषद के महासचिव जासेम अल-बुदैवी ने भी कुवैत पर हुए इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है।
इस हमले के पीछे किसका हाथ है और अमेरिकी सेना का क्या दावा है?
अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि कुवैती सेना ने ईरान की एक बैलिस्टिक मिसाइल को मार गिराया है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ईरान ने पहले पांच आत्मघाती ड्रोन लॉन्च किए थे जिसके कुछ घंटे बाद यह मिसाइल दागी गई। इस हमले को ईरान की तरफ से की गई जवाबी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। दरअसल, इससे पहले अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरान के चार ड्रोन गिराए थे और उनके एक ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन पर हमला किया था। इसके जवाब में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने अमेरिकी एयर बेस को निशाना बनाने का दावा किया था, जिसके बाद यह पूरा घटनाक्रम हुआ।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कुवैत पर यह हमला कब हुआ और क्या कोई नुकसान हुआ है?
यह हमला 28 मई 2026 की सुबह हुआ था। कुवैत के एयर डिफेंस सिस्टम ने सभी मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही मार गिराया, जिससे किसी भी तरह के जान-माल का नुकसान नहीं हुआ।
क्या कुवैत में हमले के दौरान सायरन बजाए गए थे?
हां, हमले को देखते हुए कुवैत में सुबह 5:22 बजे एयर रेड सायरन बजाकर नागरिकों और प्रवासियों को सतर्क किया गया था, जो काफी लंबे समय बाद देश में बजे हैं।
इस हमले के पीछे किस देश का हाथ बताया जा रहा है?
कुवैत, खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) और अमेरिकी सेना ने इस हमले के पीछे ईरान का हाथ होने की बात कही है, जो हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े तनाव का हिस्सा है।