Kuwait New AI Rules: कुवैत सरकार का बड़ा कदम, हेल्थकेयर में एआई पर सख्त पाबंदी, डॉक्टर ही लेंगे इलाज का फाइनल फैसला.

कुवैत स्वास्थ्य मंत्रालय यानी MOH ने देश के अस्पतालों और मेडिकल सेक्टर के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के इस्तेमाल को लेकर एक नया नियम लागू किया है। यह नया नियम 12 अगस्त 2026 से प्रभावी हो गया है, जिसके तहत मेडिकल स्टाफ और प्रशासनिक काम करने वाले लोग एआई भाषा टूल का इस्तेमाल तो कर सकेंगे, लेकिन क्लीनिकल फैसलों में इसकी सीमा तय कर दी गई है। मंत्रालय के अंडरसचिव शेख डॉ. सलमान अल-सबाह की तरफ से जारी आदेश के बाद यह साफ कर दिया गया है कि एआई केवल एक मददगार टूल है और यह डॉक्टरों या स्वास्थ्यकर्मियों की जगह नहीं ले सकता है। मरीज के इलाज से जुड़ा हर जरूरी फैसला लेने की पूरी जिम्मेदारी सिर्फ और सिर्फ डॉक्टर की ही होगी।
एआई के इस्तेमाल पर सख्त पाबंदी और सीमाएं
नए नियमों के मुताबिक, स्वास्थ्य क्षेत्र में एआई का इस्तेमाल किन कामों के लिए नहीं किया जा सकता, इसकी एक लंबी लिस्ट जारी की गई है। एआई को किसी भी मरीज की फाइनल बीमारी का पता लगाने यानी डायग्नोसिस और इलाज का अकेला आधार नहीं बनाया जा सकता है। इसके अलावा एआई से दवाएं लिखने, दवा की सही मात्रा तय करने, मेडिकल टेस्ट की रिपोर्ट की व्याख्या करने, मरीज को अस्पताल में भर्ती करने या डिस्चार्ज करने के फैसले लेने की मनाही है। मरीज को किसी दूसरे डॉक्टर के पास भेजने यानी रेफरल, क्लीनिकल ट्राइएज, बीमारी की गंभीरता का आंकलन करने और किसी भी व्यक्तिगत मरीज से जुड़ा मेडिकल फैसला लेने के लिए एआई का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। इन सभी मामलों में इंसानी डॉक्टर का होना और उनका फैसला ही अंतिम माना जाएगा।
किन कामों के लिए कर सकेंगे एआई का इस्तेमाल
हालांकि मंत्रालय ने स्वास्थ्यकर्मियों को कुछ सीमित और प्रशासनिक कार्यों के लिए एआई के इस्तेमाल की छूट दी है। डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ ड्राफ्टिंग, ट्रांसलेशन, समरी तैयार करने, गैर-गोपनीय शैक्षणिक या प्रशासनिक सामग्री तैयार करने, हेल्थ गाइडलाइंस की समीक्षा करने, सामान्य दवा की जानकारी हासिल करने, जानकारी को व्यवस्थित करने, पढ़ाई में मदद पाने और मरीजों के लिए अरबी भाषा में सामग्री तैयार करने के लिए एआई टूल्स का उपयोग कर सकते हैं। इसके लिए यह जरूरी है कि हर काम के बाद इंसान द्वारा उसकी समीक्षा और मंजूरी जरूर ली जाए। इस गाइड में एआई के इस्तेमाल को तीन जोखिम स्तरों में बांटा गया है और इसमें ChatGPT, Claude, Gemini और OpenEvidence जैसे लोकप्रिय एआई टूल्स को शामिल किया गया है।
मरीजों की प्राइवेसी और डेटा सुरक्षा पर जोर
कुवैत मंत्रालय ने मरीजों की गोपनीयता और डेटा की सुरक्षा को लेकर बहुत सख्ती दिखाई है। नए दिशानिर्देशों के अनुसार, किसी भी मरीज की संवेदनशील, गोपनीय या पहचान उजागर करने वाली स्वास्थ्य जानकारी को किसी भी ऐसे एआई टूल, क्लाउड सर्विस या प्लेटफॉर्म पर दर्ज नहीं किया जाना चाहिए जिसे सरकार द्वारा मंजूरी न दी गई हो। जिन भी एआई टूल्स को अप्रूवल मिलेगा, उन्हें कड़े डेटा प्रोटेक्शन, साइबर सिक्योरिटी, क्लाउड कंप्यूटिंग और कानूनी नियमों का पूरी तरह से पालन करना होगा। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप Law Library of Congress की आधिकारिक रिपोर्ट देख सकते हैं।
कुवैत की डिजिटल और कमर्शियल नीतियां
यह पूरा नियम कुवैत की उस बड़ी रणनीति का हिस्सा है जिसके जरिए देश की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में एआई को शामिल करके डायग्नोसिस और मेडिकल ट्रेनिंग को बेहतर बनाया जा रहा है। इसका मकसद 'ऑग्मेंटेड इंटेलिजेंस' का एक ऐसा माहौल तैयार करना है जहां एआई और डॉक्टर मिलकर पार्टनर की तरह काम करें। इसके अलावा, वाणिज्य और उद्योग मंत्री द्वारा 9 अगस्त 2026 को जारी किए गए एक फैसले के तहत कम्यूनिकेशन एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी रेगुलेटरी अथॉरिटी यानी CITRA को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेवाओं और समाधानों के लिए एक नए लाइसेंस योग्य कमर्शियल एक्टिविटी के रूप में काम करने वाली निगरानी संस्था के रूप में नियुक्त किया गया है। इस बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए आप Kuwait Government Online Portal पर जा सकते हैं। कुवैत में रह रहे प्रवासियों और आम नागरिकों के लिए यह नियम स्वास्थ्य सेवाओं को ज्यादा सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने का काम करेगा।