कुवैत के एक पुलिस ऑफिसर ने अपनी पावर का गलत इस्तेमाल किया और प्रवासियों को फर्जी आरोपों में देश से बाहर भेजने का धंधा शुरू कर दिया। अब इस ऑफिसर को भारी कीमत चुकानी पड़ी है और उसे कड़ी सजा सुनाते हुए जेल भेज दिया गया है। यह खबर उन सभी प्रवासियों के लिए बहुत जरूरी है जो वहां काम कर रहे हैं और कानून का पालन करते हैं।

ऑफिसर ने कैसे किया फर्जी डिपोर्टेशन का खेल?

यह पूरा मामला तब सामने आया जब दिसंबर 2025 में Abu Futaira Criminal Investigation Department ने एक स्टिंग ऑपरेशन चलाया। इस ऑपरेशन के दौरान ऑफिसर को रंगे हाथों पकड़ा गया जब वह एक प्रवासी को डिपोर्ट करने के बदले 500 कुवैती दीनार ले रहा था। जांच में पता चला कि ऑफिसर उन लोगों से पैसे लेता था जो अपनी निजी दुश्मनी या बदला लेने के लिए प्रवासियों को बाहर निकलवाना चाहते थे। इसके लिए वह फर्जी रिपोर्ट और झूठे आरोप तैयार करता था।

कोर्ट ने क्या सजा सुनाई और क्या हुआ फैसला?

Criminal Court के जज Abdulwahab Al-Muaili ने 20 अप्रैल 2026 को इस मामले में अपना फैसला सुनाया। कोर्ट ने दोषी सैन्य अधिकारी को 10 साल की कड़ी जेल की सजा सुनाई है। इसके अलावा उस पर 800 कुवैती दीनार का जुर्माना भी लगाया गया। कोर्ट ने आदेश दिया कि इस ऑफिसर को उसकी सेवा से तुरंत बर्खास्त कर दिया जाए ताकि भविष्य में कोई और ऐसी हिम्मत न करे।

Ministry of Interior (MOI) ने क्या कहा और अब क्या होगा?

कुवैत के Ministry of Interior ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाया है और कहा है कि अधिकार का गलत इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति रहेगी। सरकार ने यह भी साफ किया कि कानून सबके लिए बराबर है। अब विभाग उन सभी पुराने केसों की दोबारा जांच कर रहा है जिन्हें इस ऑफिसर ने हैंडल किया था। इसका मकसद उन प्रवासियों की पहचान करना है जिन्हें गलत तरीके से डिपोर्ट किया गया ताकि उनकी गलती सुधारी जा सके।

Frequently Asked Questions (FAQs)

कुवैत पुलिस ऑफिसर को कितनी सजा मिली है?

कोर्ट ने ऑफिसर को 10 साल की जेल, 800 कुवैती दीनार का जुर्माना लगाया है और उसे नौकरी से निकाल दिया है।

यह ऑफिसर प्रवासियों को बाहर भेजने के लिए कितने पैसे लेता था?

जांच रिपोर्ट के मुताबिक, ऑफिसर एक प्रवासी को फर्जी आरोपों में डिपोर्ट करने के लिए 500 कुवैती दीनार लेता था।