कुवैत के Kabd इलाके में गृह मंत्रालय की पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। यहाँ तीन पशुशालाओं को अवैध रूप से बूचड़खानों में बदल दिया गया था, जहाँ छापेमारी के दौरान 10 मजदूरों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। यह पूरी कार्रवाई कानून के उल्लंघन और बिना परमिट के काम करने की वजह से की गई है।

कबद में छापेमारी और गिरफ्तारी का पूरा मामला क्या है?

गृह मंत्रालय (MOI) के आपराधिक जांच विभाग और जहरा जांच विभाग ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। जांच में पता चला कि तीन पशुशालाओं का इस्तेमाल उन कामों के लिए किया जा रहा था जिनके लिए उन्हें अनुमति नहीं मिली थी। ये जगहें Public Authority for Agriculture Affairs and Fish Resources (PAAAFR) के नियमों का उल्लंघन कर रही थीं। पुलिस ने कानूनी इजाजत मिलने के बाद इन जगहों पर धावा बोला और मौके पर जानवरों का जिबह करते हुए 10 मजदूरों को पकड़ लिया।

कुवैत में अवैध बूचड़खानों और पशुपालन के क्या नियम हैं?

कुवैत में पशुपालन और मांस उत्पादन को लेकर बहुत सख्त नियम हैं। यहाँ कुछ मुख्य बातें दी गई हैं जिन्हें समझना प्रवासियों और व्यापारियों के लिए जरूरी है:

  • नगर पालिका नियम: Kuwait Municipality ने सड़कों के किनारे या अस्थायी शेड में जानवरों को काटने पर पूरी तरह रोक लगाई है। ऐसा करने पर 700 कुवैती दीनार तक का जुर्माना लग सकता है।
  • PAAAFR के नियम: बिना अनुमति के कृषि भूमि, पशुशालाओं का हिस्सा बदलना, उन्हें किसी और को देना या विस्तार करना गैरकानूनी है। ऐसा करने पर कब्जा वापस लिया जा सकता है।
  • विशेष पाबंदी: 2019 से लागू एक नियम के मुताबिक, एक से चार साल की उम्र की मादा पशुओं (भेड़, गाय, ऊंट) को काटना मना है ताकि मांस का उत्पादन बढ़ाया जा सके।

कुवैत नगर पालिका की कार्यवाहक महानिदेशक इंजीनियर नादिया अल-शुराइडा ने साफ किया है कि अवैध बूचड़खाने चलाना कानून के खिलाफ है। गृह मंत्रालय ने कहा है कि सुरक्षा और निरीक्षण अभियान पूरे कुवैत में जारी रहेंगे ताकि सार्वजनिक व्यवस्था बनी रहे और नियमों का पालन हो।

Frequently Asked Questions (FAQs)

कुवैत में अवैध बूचड़खाना चलाने पर कितना जुर्माना लग सकता है?

कुवैत नगर पालिका के नियमों के अनुसार, सड़कों के किनारे या अस्थायी शेड में अवैध तरीके से जानवरों को काटने पर 700 कुवैती दीनार तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है।

कबद में छापेमारी किस विभाग ने की?

यह छापेमारी गृह मंत्रालय (MOI) के जनरल डिपार्टमेंट ऑफ क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशंस और जहरा इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट द्वारा की गई थी।