कुवैत में ईरानी हमलों के बाद स्थिति पर लगातार नज़र रखी जा रही है। गृह मंत्रालय (MOI) ने बताया है कि पिछले 24 घंटों के भीतर देश के अलग-अलग हिस्सों में सुरक्षा प्रणालियों द्वारा रोके गए हमलों का मलबा 9 बार गिरा है। इन मलबों को हटाने के लिए विस्फोटक निस्तारण टीमें लगातार काम कर रही हैं। सुरक्षा के मद्देनज़र पिछले 24 घंटों में 5 बार सायरन बजाकर लोगों को सावधान किया गया है।

मंत्रालय द्वारा जारी किए गए ताज़ा आंकड़े

कुवैत के गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ब्रिगेडियर नासिर बौसलीब ने मौजूदा हालात पर आधिकारिक जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि हमलों को हवा में ही नाकाम करने के दौरान गिरने वाले मलबे की संख्या बढ़ती जा रही है। इसकी पूरी जानकारी नीचे दी गई है:

  • पिछले 24 घंटों में मलबे गिरने की कुल 9 रिपोर्ट दर्ज की गई हैं।
  • ईरानी हमलों की शुरुआत से अब तक कुल 649 बार मलबे गिरने की घटनाएं हो चुकी हैं।
  • 24 घंटों में कुल 5 बार सुरक्षा सायरन एक्टिव किए गए।
  • हमलों की शुरुआत से अब तक सायरन बजने की कुल संख्या 164 तक पहुंच गई है।
  • रक्षा मंत्रालय के अनुसार कुवैती सशस्त्र बल हर पल तैयार हैं और खतरों को इंटरसेप्ट किया जा रहा है।

अफवाहों और सुरक्षा को लेकर आधिकारिक नियम

गृह मंत्रालय ने जनता और खास तौर पर वहां रहने वाले प्रवासियों को सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर चेतावनी दी है। मंत्रालय ने साफ कहा है कि किसी भी तरह की अफवाह या गलत जानकारी फैलाने से देश की स्थिरता को नुकसान पहुंच सकता है। इसके अलावा कुछ और महत्वपूर्ण बातें बताई गई हैं:

विषय जारी निर्देश
सोशल मीडिया केवल आधिकारिक और मान्यता प्राप्त स्रोतों पर ही भरोसा करें।
हथियार जमा करना बिना लाइसेंस वाले हथियार और विस्फोटक जमा करने की तारीख 8 अप्रैल तक बढ़ाई गई।
कानूनी कार्रवाई अफवाह फैलाने वालों की पहचान कर उन पर कानूनी केस चलाया जाएगा।
सुरक्षा अलर्ट मोबाइल पर आने वाले अलर्ट और सायरन बजने पर सुरक्षित स्थानों पर रहें।

कुवैत की वायु रक्षा प्रणाली मिसाइलों और ड्रोन हमलों को रोकने के लिए सक्रिय है। मंत्रालय ने लोगों से शांति बनाए रखने और सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की है ताकि किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान से बचा जा सके।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.