कुवैत में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। शनिवार सुबह करीब 4:15 बजे कुवैत के एयर डिफेंस सिस्टम ने देश पर हुए मिसाइल और ड्रोन हमलों की दूसरी लहर को सफलतापूर्वक हवा में ही नष्ट कर दिया। इस घटना के बाद कुवैती सेना और गृह मंत्रालय (MOI) ने नागरिकों और वहां रह रहे प्रवासियों के लिए जरूरी सुरक्षा गाइडलाइन जारी की है और सभी से शांति बनाए रखने की अपील की है। अमेरिकी सेना ने भी इस इलाके में मुस्तैदी दिखाते हुए कई मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया है जिससे बड़ा खतरा टल गया है।

कुवैत गृह मंत्रालय (MOI) ने नागरिकों और प्रवासियों के लिए क्या निर्देश दिए?

गृह मंत्रालय के सुरक्षा मीडिया विभाग के निदेशक कर्नल उस्मान मोहम्मद अल-गरीब ने बताया कि देश के सभी सुरक्षा विभाग चौबीसों घंटे मुस्तैदी से काम कर रहे हैं। मंत्रालय ने आम लोगों और प्रवासियों के लिए कुछ जरूरी नियम जारी किए हैं जिनका पालन करना अनिवार्य है।

  • वीडियो बनाने पर रोक: कोई भी व्यक्ति सुरक्षा से जुड़ी घटनाओं की वीडियो न बनाए और न ही उन्हें सोशल मीडिया पर शेयर करे।
  • संदिग्ध वस्तुओं से दूरी: किसी भी संदिग्ध या लावारिस वस्तु और आसमान से गिरे मलबे के पास जाने या उसे छूने से साफ मना किया गया है।
  • आपातकालीन रिपोर्ट: किसी भी संदिग्ध गतिविधि या आपातकालीन स्थिति की सूचना तुरंत कॉल करके संबंधित अधिकारियों को दें।

रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल सऊद अब्दुलअज़ीज़ अल-ओतैबी ने भी इस निर्देश को दोहराते हुए कहा कि लोग केवल आधिकारिक स्रोतों से मिलने वाली जानकारियों पर ही भरोसा करें और अफवाहों से बचें।

शनिवार सुबह और पिछले कुछ दिनों में क्या-क्या हुआ?

6 जून 2026 की सुबह तड़के कुवैत के आसमान में धमाकों की तेज आवाजें सुनी गईं, जो एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा मिसाइलों और ड्रोन को हवा में मार गिराने के कारण हुई थीं। इससे पहले 5 जून को अमेरिकी सेना ने जानकारी दी थी कि ईरान की तरफ से कुवैत और बहरीन की ओर 7 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं, जिनमें से 6 को रास्ते में ही रोक दिया गया था।

इससे पहले 3 जून को हुए ड्रोन और मिसाइल हमलों की वजह से कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल 1 पर नुकसान पहुंचा था और इसमें एक व्यक्ति की जान भी चली गई थी। बिगड़ते सुरक्षा हालातों को देखते हुए अमेरिका ने कुवैत को 1.98 अरब डॉलर के काउंटर-ड्रोन हथियार बेचने की मंजूरी दे दी है जिससे कुवैत अपनी रक्षा प्रणाली को और मजबूत कर सकेगा।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार की क्या तैयारी है?

गृह मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता ब्रिगेडियर नासिर बौसलीब ने स्पष्ट किया है कि कुवैत के अंदर स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है और घबराने की कोई जरूरत नहीं है। सुरक्षा एजेंसियां लगातार हालातों पर नजर रख रही हैं। सेना के बम निरोधक दस्ते (EOD) हवा में नष्ट की गई मिसाइलों के मलबे और टुकड़ों को सुरक्षित तरीके से हटाने के काम में जुटे हैं।

इससे पहले मार्च महीने में भी सरकार ने एहतियात के तौर पर बाहरी गतिविधियों, रेगिस्तानी कैंपों और समुद्र में मछली पकड़ने जाने पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया था। कुवैत में रहने वाले भारतीय प्रवासियों को भी सलाह दी गई है कि वे स्थानीय प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी होने वाले निर्देशों का कड़ाई से पालन करें और अपनी सुरक्षा का ध्यान रखें।

Frequently Asked Questions (FAQs)

कुवैत में हालिया सुरक्षा अलर्ट क्यों जारी किया गया है?

कुवैत पर हाल ही में हुए मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद सुरक्षा अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि एयर डिफेंस सिस्टम ने इन हमलों को हवा में ही नाकाम कर दिया है, फिर भी एहतियात के तौर पर यह एडवाइजरी जारी की गई है।

क्या कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उड़ानों का संचालन सुरक्षित है?

3 जून को टर्मिनल 1 पर हमले की घटना के बाद सुरक्षा बल पूरी तरह अलर्ट पर हैं और वर्तमान में हवाई क्षेत्र और आंतरिक सुरक्षा स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में बताई जा रही है।

आम लोगों को मलबे या संदिग्ध वस्तु दिखने पर क्या करना चाहिए?

कुवैत सरकार ने साफ तौर पर निर्देश दिया है कि किसी भी संदिग्ध वस्तु या मिसाइल के मलबे को बिल्कुल न छुएं और तुरंत आपातकालीन नंबर पर कॉल करके इसकी जानकारी सुरक्षा टीम को दें।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.