कुवैत के आंतरिक मंत्रालय ने एक बड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में भगोड़े को गिरफ्तार किया है. यह गिरफ्तारी Interpol और UAE की सुरक्षा एजेंसियों की मदद से संभव हुई. इस पूरे ऑपरेशन के जरिए एक ऐसे नेटवर्क का खुलासा हुआ है जो अवैध तरीके से शराब की तस्करी और पैसों की हेराफेरी कर रहा था.

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भगोड़े की गिरफ्तारी और कोर्ट का फैसला

कुवैत के आंतरिक मंत्रालय ने बताया कि रविवार, 10 मई 2026 को इस आरोपी को गिरफ्तार किया गया. यह गिरफ्तारी कुवैत के क्रिमिनल सिक्योरिटी अफेयर्स सेक्टर और इंटरपोल के बीच तालमेल से हुई. आरोपी को UAE से ट्रैक करके वापस लाया गया. कोर्ट ने इस व्यक्ति को पहले ही 10 साल की कड़ी जेल की सजा सुनाई थी. सजा पूरी होने के बाद उसे देश से डिपोर्ट किया जाएगा और उसके सभी अवैध फंड जब्त कर लिए जाएंगे.

कैसे चलता था यह अवैध नेटवर्क

जांच में सामने आया कि यह गिरोह कुवैत में शराब की अवैध बिक्री और तस्करी का काम करता था. इस काम से होने वाली कमाई को छिपाने के लिए उन्होंने एक बड़ा नेटवर्क बनाया था. इसमें कई एशियाई नागरिकों का इस्तेमाल किया गया ताकि पैसों का लेन-देन पकड़ा न जा सके. आरोपी पैसों को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर भेजते थे और इसे पारिवारिक खर्च बताकर बैंक की निगरानी से बचाते थे.

विवरण जानकारी
कुल घोटाला राशि 4,33,000 दीनार
कोर्ट की सजा 10 साल कठिन कारावास
शामिल विदेशी नागरिक 157 एशियाई नागरिक
कुल वित्तीय ट्रांजेक्शन 254
इस्तेमाल हुई एक्सचेंज कंपनियां 13 लाइसेंस प्राप्त कंपनियां
मुख्य अपराध मनी लॉन्ड्रिंग और शराब तस्करी

Frequently Asked Questions (FAQs)

भगोड़े को किस सजा का सामना करना पड़ेगा

कोर्ट ने आरोपी को 10 साल के कठिन कारावास की सजा सुनाई है. इसके साथ ही सजा पूरी होने के बाद उसे कुवैत से डिपोर्ट किया जाएगा और उसके सारे अवैध पैसे जब्त होंगे.

मनी लॉन्ड्रिंग के लिए पैसे कैसे भेजे जा रहे थे

इस नेटवर्क ने 157 एशियाई नागरिकों का इस्तेमाल किया और 13 एक्सचेंज कंपनियों के जरिए 254 बार पैसे ट्रांसफर किए. इन ट्रांजेक्शन को ‘पारिवारिक खर्च’ बताकर छिपाया गया था.