कुवैत की कोर्ट ने एक बड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सख्त फैसला सुनाया है। एक सीरियाई और दो मिस्र के नागरिकों को 7 साल की जेल की सजा दी गई है। इन लोगों ने मिलकर ऑनलाइन जुए का नेटवर्क चलाया और लगभग 55 मिलियन डॉलर की हेराफेरी की।
कोर्ट ऑफ अपील के स्टेट सिक्योरिटी सर्किट ने यह फैसला सुनाया है। यह नेटवर्क कुवैत के बाहर से एक इलेक्ट्रॉनिक बेटिंग प्लेटफॉर्म चला रहा था। देश के अंदर पैसे इकट्ठा करने और जीतने वालों को भुगतान बांटने के लिए उन्होंने कुछ बिचौलियों का सहारा लिया था।
जांच के दौरान यह बात सामने आई कि पैसों के लेन-देन को छिपाने के लिए पांच फर्जी कंपनियां बनाई गई थीं। इसके अलावा, रकम को इधर-उधर करने के लिए वैकल्पिक मनी ट्रांसफर सिस्टम का इस्तेमाल किया गया ताकि कानून की नजरों से बचा जा सके।
कोर्ट ने केवल जेल की सजा ही नहीं दी, बल्कि अपराध में इस्तेमाल हुए सभी सामान और फर्जी कागजात को जब्त करने का आदेश भी दिया है। इसके साथ ही अवैध तरीके से कमाए गए सारे पैसों को कुर्क कर लिया गया है।
इस मामले से जुड़ी मुख्य जानकारियां नीचे दी गई हैं:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| सजा की अवधि | 7 साल जेल |
| दोषी व्यक्ति | 1 सीरियाई, 2 मिस्र के नागरिक |
| कुल घोटाला (दीनार) | 16.839 मिलियन दीनार |
| कुल घोटाला (डॉलर) | लगभग 55 मिलियन डॉलर |
| फर्जी कंपनियों की संख्या | 5 कंपनियां |
| कंपनियों पर जुर्माना | 8.419 मिलियन दीनार |
| अतिरिक्त कार्रवाई | सजा के बाद निर्वासन (Deportation) |
कोर्ट ने यह भी साफ कर दिया है कि दोषी विदेशी नागरिकों को उनकी जेल की सजा पूरी होने के बाद कुवैत से वापस उनके देश भेज दिया जाएगा।
