कुवैत में रहने वाले प्रवासियों और नागरिकों के लिए पैसा भेजने का तरीका बदलने वाला है। सेंट्रल बैंक ऑफ कुवैत (CBK) ने अब एक्सचेंज कंपनियों के लिए Kuwait Mobile ID App को अनिवार्य कर दिया है। अब ऑनलाइन विदेशी मनी ट्रांसफर करने के लिए ग्राहकों को अपनी पहचान इसी ऐप से सत्यापित करनी होगी। यह नियम साइबर धोखाधड़ी और पहचान की चोरी को रोकने के लिए लाया गया है।

🗞️: US-Iran Talks: अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत के लिए पाकिस्तान पहुंचे प्रतिनिधिमंडल, क्या खत्म होगा तनाव

नया नियम क्या है और यह कैसे काम करेगा?

सेंट्रल बैंक के निर्देश के मुताबिक, अब सभी लाइसेंस प्राप्त एक्सचेंज कंपनियों को ऑनलाइन ट्रांसफर से पहले ग्राहक की पहचान ‘My Identity’ (Hawiyati) ऐप के जरिए चेक करनी होगी। इस प्रक्रिया का पूरा रिकॉर्ड रखना जरूरी होगा ताकि यह पक्का हो सके कि ट्रांजैक्शन असली अकाउंट होल्डर ही कर रहा है। यह नियम अप्रैल 2026 से लागू हो गया है। बड़ी एक्सचेंज कंपनियाँ पहले से ही PACI के सिस्टम से जुड़ चुकी हैं, जबकि छोटी कंपनियों को जल्द ही अपना सिस्टम अपडेट करना होगा।

प्रवासियों पर क्या असर होगा और ऐप का फायदा क्या है?

कुवैत में काम करने वाले भारतीय और अन्य प्रवासी अक्सर एक्सचेंज कंपनियों के जरिए घर पैसे भेजते हैं, इसलिए उन्हें अब इस डिजिटल पहचान का इस्तेमाल करना होगा। Kuwait Mobile ID App के जरिए अब बिना फिजिकल सिविल आईडी के डिजिटल पहचान, ई-सिग्नेचर और सुरक्षित दस्तावेज सेवाओं का लाभ उठाया जा सकता है। इस ऐप में रजिस्ट्रेशन के लिए सिविल आईडी कार्ड को NFC से स्कैन करना होगा और सेल्फी के जरिए पहचान सत्यापित करनी होगी।

इस बदलाव से बैंकिंग सिस्टम में क्या सुधार होगा?

इस कदम का मुख्य उद्देश्य वित्तीय अपराधों जैसे मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकी फंडिंग को रोकना है। इससे पहचान चोरी और अनधिकृत निकासी जैसी समस्याओं पर लगाम लगेगी। सरकार का लक्ष्य कुवैत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और बैंकिंग सिस्टम को अधिक सुरक्षित बनाना है। यह बदलाव प्रवासियों के लिए पैसे भेजने की प्रक्रिया को पहले से अधिक सुरक्षित बनाएगा।