अंतर्राष्ट्रीय क्रेडिट रेटिंग एजेंसी Moody’s Investors Service ने कुवैत की क्रेडिट रेटिंग को A1 पर बरकरार रखा है। एजेंसी ने देश के आर्थिक भविष्य को स्टेबल (स्थिर) बताया है। यह फैसला 28 जुलाई 2026 से प्रभावी माना गया है। कुवैत के पास मौजूद विशाल सरकारी और वित्तीय भंडार को इस मजबूती की मुख्य वजह माना गया है, जो देश की अर्थव्यवस्था को किसी भी बाहरी संकट से बचाने में सक्षम है।
कुवैत की वित्तीय स्थिति का आधार
रिपोर्ट के अनुसार, कुवैत के पास उसके GDP का 500% से अधिक का वित्तीय भंडार मौजूद है। Central Bank of Kuwait ने भी मई 2026 में इस रेटिंग की पुष्टि की थी। यह भारी-भरकम फंड और कम सरकारी कर्ज के कारण कुवैत को क्षेत्र के अन्य देशों की तुलना में काफी मजबूत स्थिति में खड़ा करता है। इस वित्तीय ताकत के दम पर कुवैत क्षेत्रीय तनावों और आर्थिक दबावों को बिना किसी बड़े नुकसान के आसानी से झेल सकता है।
क्षेत्रीय तनाव और अर्थव्यवस्था
मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका (MENA) क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण कई देशों की रेटिंग पर असर पड़ा है, लेकिन कुवैत की स्थिति अब भी बेहद सुरक्षित है। देश की प्रति व्यक्ति आय बहुत अधिक है और वहां का तेल उत्पादन भी काफी सस्ता है, जो कुवैत की आर्थिक रीढ़ बना हुआ है। Moody’s का यह मानना है कि आने वाले समय में भी कुवैत की वित्तीय स्थिरता बरकरार रहेगी और क्षेत्रीय संघर्ष या आय में कमी का देश की साख पर कोई बड़ा बुरा असर नहीं पड़ेगा।
