कुवैत की आर्थिक स्थिति को लेकर दुनिया की बड़ी रेटिंग एजेंसी Moody’s ने अपनी रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट में बताया गया है कि कुवैत के पास मौजूद तेल का भंडार और भारी रिजर्व उसकी साख को मजबूत बनाए हुए हैं। हालांकि, तेल की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव अभी भी एक बड़ा खतरा बने हुए हैं।

कुवैत की रेटिंग और मजबूती के मुख्य कारण क्या हैं?

Moody’s Investors Service ने कुवैत की सॉवरेन क्रेडिट रेटिंग को A1 पर बरकरार रखा है और इसका आउटलुक स्टेबल बताया है। एजेंसी के मुताबिक, कुवैत की मजबूती के पीछे कुछ खास वजहें हैं:

  • देश के पास बहुत ज्यादा वित्तीय रिजर्व जमा है।
  • तेल का विशाल भंडार अर्थव्यवस्था को सहारा देता है।
  • कुवैत के लोगों की प्रति व्यक्ति आय दुनिया में सबसे अधिक स्तर पर है।
  • Kuwait Investment Authority (KIA), General Reserve Fund (GRF) और Future Generations Fund (FGF) जैसे फंड देश की आर्थिक सुरक्षा को पक्का करते हैं।

अर्थव्यवस्था के लिए कौन से खतरे और कमजोरियां हैं?

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि कुवैत की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से तेल की कमाई पर टिकी है। यह एक बड़ी कमजोरी है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के दाम गिरते ही देश की कमाई पर असर पड़ता है। इसके अलावा, दुनिया अब धीरे-धीरे कार्बन ट्रांजिशन की ओर बढ़ रही है, जिससे भविष्य में तेल की मांग कम हो सकती है। एजेंसी ने कहा कि देश में आर्थिक विविधता की कमी है और क्षेत्रीय राजनीतिक तनाव भी एक चिंता का विषय है।

विवरण जानकारी
रेटिंग एजेंसी Moody’s Investors Service
क्रेडिट रेटिंग A1
आउटलुक स्टेबल (Stable)
मुख्य मजबूती तेल भंडार और वित्तीय रिजर्व
मुख्य कमजोरी तेल पर निर्भरता और विविधता की कमी
प्रमुख फंड्स GRF, FGF और KIA
रेटिंग पुष्टीकरण तिथि मई 2024
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.