कुवैत में रहने वाले प्रवासियों और नागरिकों के लिए सरकार ने नमाज़ और सार्वजनिक समारोहों को लेकर नए निर्देश जारी किए हैं। वर्तमान क्षेत्रीय सुरक्षा स्थितियों और भीड़ को इकट्ठा होने से रोकने के लिए यह फैसला लिया गया है। मस्जिदों में ईशा की नमाज़ तो अदा की जाएगी लेकिन तरावीह की नमाज़ पर अगले आदेश तक रोक लगा दी गई है। इस बदलाव का सीधा असर वहाँ रह रहे भारतीय कामगारों और अन्य प्रवासियों पर भी पड़ेगा जो रमज़ान के दौरान सामूहिक नमाज़ में हिस्सा लेते हैं।

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मस्जिदों और इफ्तार आयोजनों के लिए क्या हैं नए नियम?

इस्लामिक मामलों के मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि मस्जिदों में तरावीह की नमाज़ फ़िलहाल नहीं होगी। इसके अलावा सामाजिक मामलों के मंत्रालय ने मस्जिदों के बाहर इफ्तार का खाना बाँटने और किसी भी तरह के बड़े जमावड़े पर तुरंत पाबंदी लगा दी है। प्रशासन का कहना है कि यह कदम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। लाउडस्पीकर का इस्तेमाल भी अब केवल अनिवार्य पाँच वक्त की नमाज़ों के लिए ही किया जा सकेगा। कुवैत में रहने वाले प्रवासियों को सलाह दी गई है कि वे इफ्तार और नमाज़ के लिए भीड़ न लगाएँ और घर पर ही रहें।

सुरक्षा स्थिति और अन्य सेवाओं पर असर

कुवैत में हालिया क्षेत्रीय तनाव के कारण कई सेवाओं में बदलाव किया गया है। शिक्षा मंत्रालय ने सभी स्कूलों और कॉलेजों को ऑनलाइन मोड यानी डिस्टेंस लर्निंग पर शिफ्ट कर दिया है। कुवैत एयर डिफेंस ने हाल ही में कई मिसाइलों और ड्रोनों को हवा में ही नष्ट किया है जिसका असर शहर के कुछ हिस्सों में देखा गया है। सुरक्षा की दृष्टि से शेयर बाज़ार यानी Boursa Kuwait में भी ट्रेडिंग रोक दी गई है ताकि बाज़ार में स्थिरता बनी रहे।

घटना/अपडेट विवरण
कुल इंटरसेप्ट की गई मिसाइलें 97 बैलिस्टिक मिसाइलें
नष्ट किए गए ड्रोन 283 ड्रोन
हताहतों की संख्या 1 की मौत और 32 घायल
शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह ऑनलाइन (Microsoft Teams)
बिजली आपूर्ति दक्षिणी कुवैत में कुछ जगह कटौती
शेयर बाज़ार ट्रेडिंग पर रोक