कुवैत देश ने एक बड़े सैन्य और राजनयिक व्यक्तित्व को खो दिया है। लेफ्टिनेंट जनरल Ali Al-Momen का 24 जून 2026 को निधन हो गया। उनके जाने से पूरे देश में शोक का माहौल है और लोग उनकी सेवाओं को याद कर रहे हैं।

सैन्य नेतृत्व में योगदान

अली अल-मोमेन ने कुवैत सेना के चीफ ऑफ जनरल स्टाफ के तौर पर अपनी सेवाएं दी थीं। उन्होंने देश की सैन्य तैयारी और रणनीतिक क्षमताओं को मजबूत करने में बहुत बड़ी भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व में कुवैत की रक्षा प्रणाली को और बेहतर बनाया गया था।

राजनयिक और मानवीय कार्य

सेना के अलावा वे डिप्लोमेसी यानी राजनयिक कार्यों में भी काफी सक्रिय थे। जब कुवैत और इराक के बीच राजनयिक रिश्ते फिर से बहाल हुए, तब वे इराक में कुवैत के पहले राजदूत बने। उन्होंने दोनों देशों के बीच आपसी तालमेल और क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ाने में मदद की।

इसके साथ ही उन्होंने मानवीय कार्यों में भी दिल लगाया। साल 2003 में जब इराक में सद्दाम हुसैन की सरकार गिरी, तब उन्होंने Humanitarian Operations Center का नेतृत्व किया। इस दौरान उन्होंने इराक के लोगों तक राहत सामग्री और मदद पहुंचाने का काम संभाला।